जयपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, अशोक गहलोत और डोटासरा हिरासत में

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जयपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, अशोक गहलोत और डोटासरा हिरासत में
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जयपुर में मंगलवार शाम को कांग्रेस पार्टी ने नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर डेरा डाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी। कांग्रेस का आरोप है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई धांधली के लिए शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय होनी चाहिए और नैतिक आधार पर मंत्री को अपने पद से हट जाना चाहिए।

दिल्ली के प्रदर्शन का राजस्थान में असर

यह प्रदर्शन दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किए जा रहे विरोध के समर्थन में बुलाया गया था। गौरतलब है कि दिल्ली में 21 जुलाई को राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। आलाकमान के इसी आह्वान पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ने भी राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंका। जयपुर के धरने में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा खुद मौजूद रहे, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पुलिस की कार्रवाई और यातायात व्यवस्था

प्रदर्शन के दौरान अंबेडकर सर्किल पर भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने के कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। विधानसभा रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके बाद पुलिस को ट्रैफिक को अन्य रास्तों पर डायवर्ट करना पड़ा। प्रदर्शन के उग्र होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।

पूरे प्रदेश में गूंजा नीट का मुद्दा

कांग्रेस का यह विरोध केवल जयपुर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राजस्थान में इसका असर देखने को मिला। प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले। जयपुर में हुई हिरासत की कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में और भी रोष देखा गया और पार्टी का कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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