असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें 23 नामों का ऐलान किया गया है। पार्टी ने इस सूची के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अपने समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। इससे पहले कांग्रेस ने 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। अब तक घोषित उम्मीदवारों की कुल संख्या 65 हो गई है। पार्टी ने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए 15 सीटें अपने सहयोगी दलों के लिए सुरक्षित रखी हैं। असम में विधानसभा की कुल 126 सीटें हैं, जिन पर आगामी महीनों में मतदान होना है।
उम्मीदवारों का विवरण और प्रमुख नाम
कांग्रेस द्वारा जारी की गई दूसरी सूची में कई अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को स्थान दिया गया है। पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार, पूर्व सांसद अब्दुल खालिक को मंडिया विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा, शांतनु बोरा को न्यू गुवाहाटी से टिकट दिया गया है, जबकि नूरुल इस्लाम श्रीजनगराम से चुनाव लड़ेंगे। तिनसुकिया जैसी महत्वपूर्ण सीट से डेविड फूकन को जिम्मेदारी सौंपी गई है और बिपुल गोगोई टिंगखोंग क्षेत्र से पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले जारी हुई पहली सूची में प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई का नाम प्रमुख था, जिन्हें जोरहाट से उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में क्षेत्रीय प्रभाव और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता दी है।
सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई सीटें
असम में भाजपा विरोधी मोर्चे को मजबूत करने के उद्देश्य से कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर सहमति जताई है और दूसरी सूची के साथ ही पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 15 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ी गई हैं। इन सीटों में प्लासबारी, गुवाहाटी सेंट्रल, मोरीगांव, गोरेश्वर और ब्रह्मपुर जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इन क्षेत्रों में सहयोगी दलों की पकड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि मतों के बिखराव को रोकने के लिए गठबंधन के भीतर यह समन्वय आवश्यक है। इन सीटों पर सहयोगी दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकते हैं।
चुनाव आयोग की तैयारियां और संभावित कार्यक्रम
असम सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग अंतिम चरण में है और मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में आयोग की टीम ने सभी चुनावी राज्यों का दौरा पूरा कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आयोग की टीम ने सबसे पहले असम का दौरा किया था और अंत में पश्चिम बंगाल में तैयारियों का जायजा लिया। आयोग ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की है। सूत्रों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी तारीखों की घोषणा कर सकता है। असम में चुनाव कई चरणों में कराए जाने की संभावना है।
असम विधानसभा का राजनीतिक परिदृश्य
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए होने वाला यह चुनाव राज्य की भविष्य की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में राज्य में सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने अपनी रणनीति के तहत स्थानीय मुद्दों और गठबंधन की मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी ने अब तक जिन 65 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, उनमें से अधिकांश सीटों पर पिछली बार कड़ा मुकाबला देखा गया था। 2021 के चुनावों के बाद यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला है, जहां नागरिकता और विकास जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा प्रबंध
चुनाव की संभावित घोषणा को देखते हुए राज्य प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदान के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन और मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है और राज्य में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया गया है।