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: बीसीसीआई शुरू करेगा नया टी20 टूर्नामेंट: स्टेट ए चैंपियनशिप के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव

- बीसीसीआई शुरू करेगा नया टी20 टूर्नामेंट: स्टेट ए चैंपियनशिप के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भारतीय घरेलू क्रिकेट के ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की तैयारी कर रहा है। आईपीएल 2026 के आयोजन की चर्चाओं के बीच घरेलू क्रिकेट से जुड़ी यह बड़ी खबर सामने आई है कि बीसीसीआई अपने मौजूदा टूर्नामेंट स्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण संशोधन करने जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई एक नए टी20 टूर्नामेंट को शुरू करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह नया टी20 टूर्नामेंट किसी अतिरिक्त आयोजन के बजाय 50 ओवर के फॉर्मेट में खेले जाने वाले एक मौजूदा टूर्नामेंट की जगह लेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को टी20 क्रिकेट की तेज गति और आधुनिक खेल की मांगों के अनुरूप ढालना है।

50 ओवर से टी20 फॉर्मेट में बदलाव

बीसीसीआई की इस योजना के तहत अंडर-23 पुरुष व्हाइट-बॉल प्रतियोगिता को अब 50 ओवर के फॉर्मेट से हटाकर टी20 फॉर्मेट में बदल दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता को वर्तमान में स्टेट ए चैंपियनशिप के नाम से जाना जाता है, जो अब तक 50 ओवर के प्रारूप में आयोजित की जाती रही है। अब इसे पूरी तरह से टी20 टूर्नामेंट के रूप में आयोजित करने की तैयारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बड़ा बदलाव अगले घरेलू सीजन से ही प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है। हालांकि, इस विषय में अभी एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू यह है कि बीसीसीआई ने अभी तक विभिन्न राज्य संघों को इस संबंध में कोई औपचारिक या लिखित सूचना नहीं भेजी है, लेकिन बोर्ड के भीतर इस पर गंभीरता से विचार चल रहा है।

बदलाव के पीछे का मुख्य उद्देश्य

माना जा रहा है कि बीसीसीआई का यह निर्णय भारतीय क्रिकेट की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। टी20 फॉर्मेट की बढ़ती लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए, युवा खिलाड़ियों को इस प्रारूप में अधिक अनुभव देना अनिवार्य हो गया है। इस बदलाव से अंडर-23 स्तर के खिलाड़ियों को अधिक मैच प्रैक्टिस मिलेगी, उन्हें बड़े शॉट खेलने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें दबाव वाली स्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा। यह अनुभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके करियर के विकास में अत्यंत मददगार साबित होगा। वर्तमान में इस टूर्नामेंट को सीनियर टूर्नामेंट्स की तर्ज पर दो श्रेणियों, एलीट और प्लेट में आयोजित किया जाता है। एलीट कैटेगरी में तमिलनाडु की टीम मौजूदा चैंपियन है, जबकि प्लेट चैंपियनशिप में पिछले साल मेघालय ने जीत हासिल की थी।

वैभव सूर्यवंशी के खेलने पर संशय

इस नए टूर्नामेंट के नियमों और पात्रता को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। नियमों के अनुसार, इस टूर्नामेंट में 23 साल तक की आयु के खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकते हैं। इस लिहाज से बिहार के उभरते हुए खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह पात्र हैं, क्योंकि उनकी वर्तमान आयु केवल 15 साल है। हालांकि, उनकी भागीदारी को लेकर एक व्यावहारिक समस्या सामने आ रही है। अक्सर देखा जाता है कि जूनियर लेवल के टूर्नामेंट और सीनियर लेवल के टूर्नामेंट एक ही समय पर आयोजित किए जाते हैं और वैभव सूर्यवंशी पहले से ही बिहार की सीनियर टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। सीनियर टीम के साथ उनकी प्रतिबद्धताओं और टूर्नामेंट के शेड्यूल के आपस में टकराने की संभावना के कारण, यह मुश्किल लग रहा है कि उन्हें इस अंडर-23 टूर्नामेंट के लिए चुना जाएगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी शायद इस नए टी20 फॉर्मेट वाले टूर्नामेंट में नजर न आएं।

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