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राजस्थान राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को बनाया उम्मीदवार

राजस्थान राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को बनाया उम्मीदवार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिसमें राजस्थान से दो प्रमुख चेहरों को मौका दिया गया है। पार्टी आलाकमान ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर को राजस्थान से राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है और यह निर्णय देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनावों की तैयारियों के तहत लिया गया है। वर्तमान में 27 सीटों पर अलग-अलग राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन सीटों के लिए मतदान 18 जून को आयोजित किया जाएगा। राजस्थान की कुल तीन सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें से भाजपा ने विधानसभा के आंकड़ों के गणित को ध्यान में रखते हुए दो सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।

6 राज्यों के लिए 11 उम्मीदवारों का ऐलान

भाजपा आलाकमान ने केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि कुल 6 राज्यों के लिए अपने 11 राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। इस सूची में राजस्थान के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, मणिपुर और ओडिशा के प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इन राज्यों में अपनी स्थिति और भविष्य की राजनीतिक जरूरतों को देखते हुए अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है। राजस्थान में तीन सीटों में से दो पर उम्मीदवार उतारना पार्टी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि सदन में अपनी उपस्थिति को मजबूती दी जा सके।

सतीश पूनिया को मिली बड़ी जिम्मेदारी

सतीश पूनिया के लिए यह नामांकन एक नई और बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। वह काफी समय से पार्टी के भीतर किसी महत्वपूर्ण भूमिका का इंतजार कर रहे थे। वर्तमान में वह हरियाणा राज्य के प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हरियाणा के विधानसभा चुनावों और दिल्ली के चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने और संगठन को मजबूत करने में उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, साल 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्हें आमेर सीट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी ने उनके संगठनात्मक कौशल को देखते हुए अब उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। उनके समर्थक लंबे समय से उन्हें किसी बड़े पद पर देखने की उम्मीद लगाए बैठे थे, जो अब पूरी होती दिख रही है।

अलका गुर्जर का विधायी और संगठनात्मक अनुभव

राजस्थान से दूसरी उम्मीदवार अलका गुर्जर भी भाजपा की एक सक्रिय और अनुभवी नेता हैं। वह वर्तमान में भाजपा में राष्ट्रीय सचिव के पद पर कार्यरत हैं और साथ ही दिल्ली भाजपा के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। अलका गुर्जर का राजस्थान की राजनीति में भी गहरा दखल रहा है। वह साल 2013 से 2018 के बीच राजस्थान की बांदीकुई विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं। उनके इस विधायी अनुभव और संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में भेजने का निर्णय लिया है और उनकी उम्मीदवारी को महिला नेतृत्व और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजपूत नेताओं की अनदेखी पर चर्चा

इन नामांकनों के बीच राजनीतिक गलियारों में राजपूत नेताओं की अनदेखी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से 7 बार के विधायक रहे दिग्गज नेता राजेंद्र राठौड़ को राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। राजेंद्र राठौड़ जैसे वरिष्ठ नेता को इस सूची में स्थान न मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के इस फैसले को लेकर विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अब सभी की नजरें 18 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जब इन प्रत्याशियों के भाग्य का औपचारिक फैसला होगा।

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