केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की है। बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, कक्षा 12वीं के छात्र अब अपने अंकों में सुधार करने के लिए केवल एक ही विषय में सप्लीमेंट्री या इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यह नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद आयोजित होने वाली पूरक परीक्षा के माध्यम से अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाना चाहते हैं। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली हैं, और इस नए नियम का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।
सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए संशोधित पात्रता मानदंड
सीबीएसई के अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए अंक सुधार की सुविधा को अब सीमित कर दिया गया है। पहले के नियमों के तहत, छात्रों के पास एक से अधिक विषयों में सुधार परीक्षा देने के विकल्प पर विचार करने की गुंजाइश रहती थी, लेकिन अब इसे स्पष्ट रूप से एक विषय तक सीमित कर दिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान केवल उन छात्रों के लिए है जो उसी शैक्षणिक वर्ष में अपने परिणाम में सुधार करना चाहते हैं। यदि कोई छात्र किसी एक विषय में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है, तो वह मुख्य परिणाम आने के बाद आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है।
एक से अधिक विषयों में अंक सुधार की प्रक्रिया
बोर्ड ने उन छात्रों के लिए भी स्थिति स्पष्ट की है जो एक से अधिक विषयों में अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। सीबीएसई की अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई छात्र दो या दो से अधिक विषयों में इंप्रूवमेंट परीक्षा देना चाहता है, तो उसे उसी वर्ष की सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को अगले शैक्षणिक वर्ष यानी 2027 में आयोजित होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में एक पूर्व छात्र (Ex-student) के रूप में शामिल होना होगा। बोर्ड का कहना है कि यह निर्णय छात्रों को अपनी तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने और मूल्यांकन प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
परीक्षा कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियों का विवरण
सीबीएसई ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं और उसके बाद होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का एक अनंतिम (Tentative) कार्यक्रम भी जारी किया है। बोर्ड के अनुसार, मुख्य परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद, परिणामों की घोषणा मई 2026 में किए जाने की संभावना है। परिणामों के प्रकाशन के तुरंत बाद, बोर्ड सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए एक विस्तृत सर्कुलर जारी करेगा। 12वीं कक्षा के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा की प्रस्तावित तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अपडेट्स को देखते रहें।
आवेदन प्रक्रिया और बोर्ड के प्रशासनिक निर्देश
सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया परिणाम घोषित होने के बाद शुरू होगी। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों को इन नए नियमों के बारे में विस्तार से सूचित करें ताकि वे अपनी परीक्षा रणनीति उसी के अनुसार तैयार कर सकें। आवेदन के लिए छात्रों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करना होगा और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए केवल वही छात्र पात्र होंगे जो मुख्य परीक्षा में उपस्थित हुए थे और जिनका परिणाम 'पास' या 'कंपार्टमेंट' श्रेणी में आया है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बोर्ड की तैयारी
सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बोर्ड का ध्यान परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन, प्रश्न पत्रों की सुरक्षा और मूल्यांकन की निष्पक्षता पर केंद्रित है। 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए देश भर में हजारों केंद्र बनाए जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नियमों में यह बदलाव छात्रों को अधिक केंद्रित होकर तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, सप्लीमेंट्री परीक्षा के अवसरों को सीमित करने से शैक्षणिक कैलेंडर को समय पर पूरा करने और उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश प्रक्रियाओं में देरी को कम करने में मदद मिलेगी।