Librarian Computer Instructor: लाइब्रेरियन और कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में पदों की बढ़ोतरी, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ

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Librarian Computer Instructor - लाइब्रेरियन और कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में पदों की बढ़ोतरी, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ
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राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है और राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है, जिससे हजारों बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। विशेष रूप से, लाइब्रेरियन और कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में पदों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है, जबकि। लंबे समय से अटकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती के चयनितों की नियुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। इन फैसलों से राज्य में रोजगार के परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती: 2300 पदों पर मिली मंजूरी

वित्त विभाग ने कंप्यूटर अनुदेशकों के 2300 पदों पर भर्ती को हरी झंडी दे दी है। यह निर्णय उन हजारों युवाओं के लिए राहत लेकर आया है जो इस क्षेत्र में रोजगार की तलाश में थे और इन 2300 पदों में 2000 पद बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के लिए और 300 पद वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के लिए निर्धारित किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने पहले वित्त विभाग को बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 3427 पदों और वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के 315 पदों पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, वित्त विभाग ने मूल प्रस्ताव से कम पदों पर मंजूरी दी है, लेकिन यह भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा विभाग अब जल्द ही कर्मचारी चयन बोर्ड को इन पदों के लिए अभ्यर्थना भेज सकता है, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है और इस मंजूरी के बावजूद, बेरोजगार अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों, जैसे ए. आर. धांगड़ और विशाल जांगिड़, ने अपनी निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे 8 हजार पदों पर भर्ती की मांग कर रहे थे, लेकिन वित्त विभाग ने बहुत कम पदों पर ही मंजूरी दी है। यह दर्शाता है कि अभी भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं जिन पर भर्ती की आवश्यकता है।

लाइब्रेरियन भर्ती में 100 पदों की वृद्धि

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लाइब्रेरियन भर्ती में भी पदों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। वित्त विभाग ने इस भर्ती में 100 अतिरिक्त पदों को मंजूरी दे दी है, जिससे कुल पदों की संख्या में इजाफा होगा। बेरोजगार अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से इस भर्ती में 250 पदों की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर कई जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा था, जिसमें पदों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया गया था। हालांकि, वित्त विभाग ने 250 पदों की मांग के मुकाबले 100 पदों की ही मंजूरी दी है। बेरोजगार नेता रवींद्र चौधरी ने बताया कि बोर्ड ने पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड। तृतीय-2024 भर्ती के लिए कुल 548 पदों पर विज्ञापन जारी किया था। इन 548 पदों में शिक्षा विभाग के लिए 500 पद और संस्कृत शिक्षा विभाग के लिए 48 पद शामिल थे और अभ्यर्थियों की लगातार मांग थी कि इन पदों की संख्या बढ़ाई जाए, और अब 100 पदों की वृद्धि से कुछ हद तक उनकी मांग पूरी हुई है।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती: खाली पदों का विवरण मांगा गया

कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में भी पदों की बढ़ोतरी की संभावना है। इस भर्ती के लिए कुल 53749 पदों पर विज्ञापन निकाला गया था, जिसमें 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। हाल ही में, सरकार ने सभी विभागों से वर्तमान में। खाली चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों का विस्तृत विवरण मांगा था। यह कदम इस बात का संकेत देता है कि सरकार इन। पदों की संख्या में वृद्धि करने पर विचार कर रही है। राजस्थान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनके अनुसार, राज्य में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 82154 पद स्वीकृत हैं। इस आंकड़े को देखते हुए, यूनियन का मानना है कि इस भर्ती में 10 हजार से अधिक पदों की बढ़ोतरी की जानी चाहिए। यदि सरकार इस मांग को मानती है, तो यह लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी राहत होगी और उन्हें सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) भर्ती-2019 और FSO भर्ती-2022 के तहत चयनित 296 अभ्यर्थियों के लिए भी अच्छी खबर है। लंबे समय से अटकी इन नियुक्तियों का रास्ता अब साफ हो गया है और नियुक्ति को लेकर चल रहे मामले में कोर्ट ने चयनितों को बड़ी राहत दी है, जिससे उनकी नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी: 296 चयनितों को जल्द नियुक्ति

चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति से पहले 14 दिन के इंडक्शन ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं है। उनका तर्क है कि वे नियुक्ति के बाद प्रोबेशन पीरियड के दौरान भी ट्रेनिंग कर सकते हैं। अब सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को जल्द नियुक्ति के निर्देश दे, ताकि इन चयनित अभ्यर्थियों को बिना किसी और देरी के पदस्थापन मिल सके। यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण। है जिन्होंने लंबे समय तक अपनी नियुक्ति का इंतजार किया है।

Overall Impact और आगे की राह

इन सभी निर्णयों से राजस्थान में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आने और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। लाइब्रेरियन और कंप्यूटर अनुदेशक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पदों की वृद्धि से शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति से राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों में संभावित वृद्धि से निचले स्तर पर प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा। यह सभी कदम राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए आशा की नई किरण लेकर। आए हैं और उन्हें अपने भविष्य के प्रति आश्वस्त होने का अवसर प्रदान करते हैं। सरकार को इन प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने और शेष मांगों पर भी विचार करने की आवश्यकता है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।