राजधानी एक्सप्रेस को जलाने की साजिश का खुलासा, ट्रेनों में आग की घटनाओं से हड़कंप

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राजधानी एक्सप्रेस को जलाने की साजिश का खुलासा, ट्रेनों में आग की घटनाओं से हड़कंप
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पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रेनों में आग लगने की जो घटनाएं सामने आई हैं, उन्हें लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रेलवे के अनुसार, ये घटनाएं महज हादसा नहीं थीं, बल्कि चलती हुई राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों को जलाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थीं। जांच में यह बात सामने आई है कि इन घटनाओं के पीछे एक गहरा षड्यंत्र काम कर रहा है। 17 मई को कोटा राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें रेलवे ने स्पष्ट किया है कि चलती हुई ट्रेन को आग के हवाले करने की कोशिश की गई थी। इस ट्रेन में आग की पहली लपटें बाथरूम से उठी थीं, जो इस बात का संकेत देती हैं कि आग जानबूझकर लगाई गई थी।

रतलाम में राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी भीषण आग

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में भी एक बड़ी घटना घटी जब रविवार सुबह तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के एसी कोच में भीषण आग लग गई। यह हादसा सुबह लगभग 5:30 बजे कोटा डिवीजन के लूणी रिच्छा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुआ था। आग लगने की यह जगह रतलाम से करीब 110 किलोमीटर दूर बताई गई है। जांच में पाया गया कि आग की शुरुआत ट्रेन के अगले हिस्से में स्थित कोच संख्या B1 से हुई थी। इतनी सुबह और एक महत्वपूर्ण ट्रेन के एसी कोच में आग लगना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और साजिश की आशंका को पुख्ता करता है।

हावड़ा में मिला संदिग्ध सबूत: पेट्रोल में भीगा कपड़ा

साजिश के सबूत तब और पुख्ता हो गए जब हावड़ा में एक ट्रेन के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद किया गया और मंगलवार को हावड़ा स्टेशन पर 13021 हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने की घटना सामने आई थी। बाथरूम जैसे स्थान पर पेट्रोल से सने कपड़े का मिलना इस बात का सीधा प्रमाण है कि ट्रेन को जलाने की कोशिश की जा रही थी। इस तरह के ज्वलनशील पदार्थों का ट्रेन के भीतर पाया जाना किसी बड़ी अनहोनी की योजना की ओर इशारा करता है, जिसे समय रहते पहचान लिया गया।

अमरपुरा स्टेशन पर लिनेन जलाने का प्रयास

राजस्थान के अमरपुरा स्टेशन के पास भी एक ऐसी ही घटना सामने आई जहां ट्रेन के भीतर रखे लिनेन यानी बिस्तर सामग्री को जलाने का प्रयास किया गया। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लिनेन में आग लगाने की इस कोशिश के कारण ही वहां आग भड़की थी। ट्रेन के भीतर उपलब्ध सामान का उपयोग करके आग फैलाने की यह कोशिश बताती है कि साजिशकर्ता ट्रेन के अंदरूनी हिस्सों को निशाना बना रहे थे ताकि आग तेजी से फैल सके और अधिक नुकसान हो।

सासाराम में बाहर से फेंकी गई जलती हुई वस्तु

बिहार के रोहतास जिले के सासाराम रेलवे स्टेशन पर भी एक चौंकाने वाली घटना हुई। यहां खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन, जो सासाराम-पटना पैसेंजर थी, उसमें आग लग गई। यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन स्टेशन पर रुकी हुई थी और उसके कोच खाली थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन कोचों में कोई पावर जनरेटर नहीं चल रहा था, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना कम हो जाती है। अधिकारियों का मानना है कि सबसे अधिक संभावना इस बात की है कि किसी ने बाहर से कोच के अंदर कोई जलती हुई वस्तु फेंकी थी। खाली कोचों को इस तरह निशाना बनाना रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। इन सभी घटनाओं ने रेलवे प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

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