धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: अभिजीत दीपके बोले अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है

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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: अभिजीत दीपके बोले अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने त्यागपत्र की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि यह उनके लिए प्रतिष्ठा का सवाल नहीं था। उनके इस कदम के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का पुख्ता सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं। दीपके ने इसे एक बड़ी शुरुआत बताते हुए कहा कि अभी तो यह शुरुआत हुई है और अभी सिर्फ पहला विकेट गिरा है।

अभिजीत दीपके ने आगे बताया कि पिछले 1 महीने के दौरान कई बड़े नेताओं ने उनसे कहा था कि वे सरकार की कार्यशैली को नहीं समझते हैं। उन नेताओं का दावा था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते हैं। इस पर पलटवार करते हुए दीपके ने कहा कि दुनिया झुकती है, बस उसे झुकाने वाला चाहिए। उनके इन शब्दों ने आंदोलनकारियों के बीच उत्साह भर दिया है।

पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर माहौल काफी गरमा गया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों के साथ भी तीखी बात की। उन्होंने पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि अगर एक केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा हो सकता है, तो तुम लोग क्या हो। उनके इस बयान ने वहां मौजूद सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच के तनाव को और बढ़ा दिया।

मनीष सिसोदिया और संजय सिंह की प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी इस इस्तीफे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए देश की युवा शक्ति और जेन-जी को सलाम किया। उन्होंने लिखा कि हर एक आंदोलनकारी को बधाई, क्योंकि एक भ्रष्ट शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा है। सिसोदिया ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जेन-जी की ताकत के सामने झुकना पड़ा है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी एक्स पर अपनी बात रखी। उन्होंने युवा और छात्र शक्ति की जय-जयकार करते हुए कहा कि जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। सिंह ने आरोप लगाया कि देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के दम पर कुंभकरण की नींद सो रही मोदी सरकार को जगाया है और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई अब रोजगार मिलने तक जारी रहेगी। संजय सिंह के अनुसार, अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने आंदोलन की इस जीत पर सभी को बधाई दी और जय हिंद के साथ अपनी बात समाप्त की।

अधीर रंजन चौधरी ने बताया मजबूरी का कदम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि यह काम बहुत पहले ही किया जा सकता था। चौधरी का मानना है कि अगर सरकार ने यह फैसला पहले लिया होता, तो कई अप्रिय घटनाओं को टाला जा सकता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को मजबूरी में आकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा है, यह कोई स्वेच्छा से लिया गया निर्णय नहीं लगता है।

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