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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: 'गंभीर संकट' में ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की मांग

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: 'गंभीर संकट' में ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की मांग
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान इस समय 'गंभीर संकट' की स्थिति में है और वह चाहता है कि अमेरिका जल्द से जल्द होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दे। ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की है और हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ईरान ने यह संदेश अमेरिका तक किस माध्यम से पहुंचाया है। इस दावे पर ईरान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान चाहता है कि अमेरिका जल्द से जल्द होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दे, ताकि वह अपने नेतृत्व से जुड़ी समस्याओं को सुलझा सके।

ट्रंप के दावे और व्हाइट हाउस की स्थिति

ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी विश्वास जताया कि ईरान अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझाने में सक्षम होगा। हालांकि, इस दावे को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, क्योंकि व्हाइट हाउस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह संदेश ईरान की ओर से किसने दिया, अमेरिका में इसे किसने प्राप्त किया और क्या यह बातचीत सीधे हुई या किसी मध्यस्थ के जरिए और ' ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक और वैश्विक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इस जलमार्ग के बाधित होने या बंद होने का सीधा असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर पड़ता है। सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसमें ईरान के ताजा प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से संबंधित है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि इस मुद्दे पर चर्चा हुई है, लेकिन उन्होंने बैठक के नतीजों पर विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।

ईरानी नेतृत्व में मतभेद और अमेरिकी दबाव

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने को लेकर 'गंभीर' तो है, लेकिन वह इसके लिए समय लेना चाहता है। रूबियो के अनुसार, ईरान अपनी मौजूदा स्थिति से बाहर निकलना चाहता है, लेकिन वहां के अलग-अलग गुटों के बीच जारी मतभेदों के कारण बातचीत की प्रक्रिया सीमित हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के नेतृत्व में आपसी मतभेद शांति वार्ता को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान के बंदरगाहों पर जारी नौसैनिक घेराबंदी का असर अब दिखने लगा है।

ट्रंप के इस सनसनीखेज दावे के बाद अब सबकी नजरें ईरान के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं। अमेरिकी प्रशासन को लगता है कि ईरान पर बनाया गया नौसैनिक दबाव काम कर रहा है, जिससे वह बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हो सकता है। फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।

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