मिस्र और म्यांमार में भूकंप: स्वेज के पास 5.4 तीव्रता के झटके, म्यांमार भी हिला

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
मिस्र और म्यांमार में भूकंप: स्वेज के पास 5.4 तीव्रता के झटके, म्यांमार भी हिला
विज्ञापन

मिस्र में आज तड़के सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। 4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र स्वेज शहर के पास बताया गया है, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में काफी तेज कंपन महसूस किया गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

मिस्र में भूकंप की तीव्रता और केंद्र का विवरण

यह भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। भूकंप के सटीक केंद्र को लेकर अलग-अलग शोध केंद्रों ने अपनी रिपोर्ट दी है। शुरुआत में जर्मन रिसर्च सेंटर ने इसका केंद्र स्वेज के पास बताया था। वहीं, ईएमएससी (EMSC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र स्वेज से लगभग 29 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। बाद में मिस्र के आधिकारिक सूत्रों और अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भूकंप का वास्तविक केंद्र स्वेज शहर से 38 किलोमीटर की दूरी पर था। गहराई कम होने के कारण झटके काफी प्रभावी ढंग से महसूस किए गए, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

आपातकालीन सेवाओं की सक्रियता और सरकारी निर्देश

भूकंप के झटके महसूस होते ही मिस्र के रेड क्रिसेंट ने उन सभी इलाकों में अपनी आपातकालीन योजना (इमरजेंसी प्लान) को सक्रिय कर दिया है जहां कंपन महसूस किया गया था। रेड क्रिसेंट की टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं। संगठन ने स्थानीय निवासियों से विशेष अपील की है कि वे ऐसी इमारतों से दूर रहें जिनमें नुकसान के कोई भी संकेत दिख रहे हों। साथ ही, लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह से बचा जा सके।

मिस्र के स्वास्थ्य मंत्री खालिद अब्देल गफ्फार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान लागू करने का सख्त आदेश दिया है। उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह से तैयार और अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि मिस्र और पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र हैं, जहां समय-समय पर इस तरह के झटके आते रहते हैं। आमतौर पर इस तीव्रता के भूकंप से बहुत कम या कोई नुकसान नहीं होता है, फिर भी प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है।

म्यांमार में भी डोली धरती

मिस्र के अलावा म्यांमार में भी 3 अगस्त की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। 3 दर्ज की गई। यह भूकंप जमीन के काफी नीचे यानी 105 किलोमीटर की गहराई पर आया था। कम तीव्रता और अधिक गहराई होने के कारण यहां किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं मिली है। एक ही दिन में दो अलग-अलग देशों में आए इन भूकंपों ने भूगर्भीय हलचलों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

मिस्र का भूकंपीय इतिहास

मिस्र में जबरदस्त और विनाशकारी भूकंप आने की घटनाएं कम ही होती हैं। अगर आधुनिक इतिहास पर नजर डालें, तो देश का सबसे घातक भूकंप अक्टूबर 1992 में आया था। 8 तीव्रता के भूकंप ने राजधानी काहिरा सहित कई इलाकों को हिलाकर रख दिया था। उस आपदा में 500 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे। 1992 की उस त्रासदी को देखते हुए ही मिस्र सरकार अब भूकंप जैसी आपदाओं को लेकर काफी सतर्क रहती है और तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी शुरू कर देती है।

विज्ञापन