एलन मस्क की भविष्यवाणी एआई और रोबोट करेंगे काम इंसानों की नौकरी बनेगी विकल्प

Add as Preferred Source on Google News →
विज्ञापन
एलन मस्क की भविष्यवाणी एआई और रोबोट करेंगे काम इंसानों की नौकरी बनेगी विकल्प
विज्ञापन

प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गज और टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क ने भविष्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और क्रांतिकारी भविष्यवाणी की है। एलन मस्क का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और एडवांस रोबोट इंसानों के ज्यादातर काम अपने हाथ में ले लेंगे। इस बड़े बदलाव के बाद इंसानों के लिए रोजी-रोटी कमाने के खातिर नौकरी करना किसी मजबूरी या विवशता का हिस्सा नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी तरह से लोगों की अपनी व्यक्तिगत पसंद या विकल्प बन जाएगा। मस्क ने भविष्य की इस अनूठी और दूरदर्शी कल्पना को यूनिवर्सल हाई इनकम का नाम दिया है, जिसके दुनिया भर में गहरे आर्थिक और सामाजिक मायने हो सकते हैं।

हाल ही में आयोजित ऑल-इन समिट के दौरान एलन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और रोबोटिक्स के भविष्य के परिदृश्य पर खुलकर अपनी राय रखी और दुनिया के सामने अपनी सोच स्पष्ट की। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आने वाले निकट भविष्य में एआई और आधुनिक रोबोट इंसानों की तरह लगभग हर तरह के जटिल और आसान काम करने में पूरी तरह से सक्षम हो जाएंगे। जब मशीनें और तकनीक इंसानों की तुलना में अधिक तेजी और कुशलता से श्रम करेंगी, तब इंसानों के लिए पारंपरिक अर्थों में नौकरी करना जीवन की बुनियादी जरूरत के बजाय केवल उनकी अपनी इच्छा या पसंद का फैसला बनकर रह जाएगा।

मस्क के दृष्टिकोण के अनुसार, एआई और टेस्ला के ह्यूमनॉइड रोबोट ऑप्टिमस भविष्य में आपस में मिलकर कई तरह के भारी और हल्के काम करेंगे और इन कामों में सिर्फ कारखानों में होने वाली शारीरिक मेहनत या शारीरिक श्रम वाले काम ही शामिल नहीं होंगे, बल्कि दफ्तरों के भीतर कॉर्पोरेट स्तर पर होने वाले मानसिक और बौद्धिक काम भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा डेटा प्रोसेसिंग, सूचनाओं का विश्लेषण और अन्य तकनीकी तथा प्रबंधकीय कामों में भी एआई की भूमिका आने वाले दिनों में और अधिक तेजी से बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे कार्य संस्कृति पूरी तरह बदल जाएगी।

एलन मस्क का यह भी पुख्ता मानना है कि जब दुनिया भर की मशीनें बड़े पैमाने पर उपभोक्ता सामान बनाने लगेंगी और तमाम प्रकार की सेवाएं प्रदान करने लगेंगी, तब आम जनता की बुनियादी और बड़ी जरूरतें को पूरा करना बेहद आसान हो जाएगा। उन्होंने इस पूरी संभावित व्यवस्था और आर्थिक ढांचे को यूनिवर्सल हाई इनकम की संज्ञा दी है। इस शब्द का सीधा और स्पष्ट मतलब एक ऐसी स्थिति से है, जहां आधुनिक तकनीक की मदद से इतनी भारी मात्रा में चीजें और सेवाएं उपलब्ध होंगी कि दुनिया के हर इंसान के लिए एक बेहतर, उन्नत और सुखी जीवन जीना बहुत आसान हो जाएगा, बिना इस बात की चिंता किए कि वे कोई पारंपरिक नौकरी कर रहे हैं या नहीं।

हालांकि इस पूरी परिकल्पना के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस क्रांतिकारी बदलाव के बाद हर व्यक्ति को वास्तव में बेहतर सुविधाएं मिल पाएंगी। आमतौर पर दुनिया भर के अर्थशास्त्री यूनिवर्सल बेसिक इनकम यानी यूबीआई की चर्चा करते रहते हैं। इसका मतलब यह होता है कि समाज के लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतें जैसे रोटी, कपड़ा और मकान को पूरा करने के लिए सरकार या व्यवस्था की तरफ से एक निश्चित आर्थिक सहायता मिलती रहे और लेकिन एलन मस्क की कल्पना इस पारंपरिक अवधारणा से कहीं आगे की और अधिक महत्वाकांक्षी है। उनके मुताबिक एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते और निरंतर इस्तेमाल से वैश्विक स्तर पर सामानों और सेवाओं की उपलब्धता में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

इस तकनीकी क्रांति के प्रभाव से मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण, परिवहन यानी ट्रांसपोर्टेशन, खेती यानी कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं यानी हेल्थकेयर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लागत में भारी कमी आने की प्रबल संभावना है। यदि भविष्य में वास्तव में ऐसा होता है, तो दुनिया भर के अधिक से अधिक लोगों के लिए उच्च कोटि की सुविधाएं और संसाधन हासिल करना बहुत आसान हो जाएगा। हालांकि, यह इस बात पर भी पूरी तरह से निर्भर करेगा कि इस नई और उन्नत तकनीक का असली फायदा समाज के अलग-अलग वर्गों और तबकों तक किस प्रकार और किस गति से पहुंचता है। केवल वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन बढ़ने मात्र से यह बात पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं हो जाती कि समाज के हर आखिरी व्यक्ति को इसका बराबर और न्यायसंगत लाभ मिल ही जाएगा।

एआई और रोबोट की मदद से इंसानों का काम बहुत आसान होने की पूरी संभावना है, लेकिन इस क्रांतिकारी बदलाव का एक दूसरा और गंभीर पहलू भी है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अगर भविष्य में मशीनें इंसानों की जगह खुद काम करने लगेंगी, तो दुनिया भर में कई मौजूदा नौकरियों और रोजगार के अवसरों की जरूरत तेजी से कम हो सकती है। इससे उन तमाम परिवारों और लोगों के सामने एक बहुत बड़ी आर्थिक परेशानी और संकट खड़ा हो सकता है, जिनके घर का दैनिक खर्च पूरी तरह से उनकी मासिक सैलरी, दिहाड़ी मजदूरी या नौकरी पर निर्भर करता है। इस पूरी व्यवस्था के बीच सबसे बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि अगर भविष्य में मशीनें और रोबोट ही ज्यादातर काम करेंगे, तो उनसे होने वाली अकूत कमाई और मुनाफा किसके पास जाएगा?

क्या इस अपार धन और मुनाफे का फायदा केवल रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मालिक पूंजीपतियों तक ही सीमित रहेगा या फिर इसका लाभ समाज के आम लोगों और मजदूरों तक भी पहुंचेगा? इस बारे में बात करते हुए खुद एलन मस्क ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि इस बड़े बदलाव का दौर बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाला है। उन्होंने इस पूरी परिवर्तन प्रक्रिया को भारी उतार-चढ़ाव, अनिश्चितताओं और बड़ी मुश्किलों से भरा हुआ एक लंबा सफर बताया है। इसलिए एआई से जुड़ी यह अद्भुत कल्पना भविष्य में इंसानी जाति के लिए नई और असीम संभावनाएं जरूर खोल सकती है, लेकिन इसके साथ ही रोजगार, आय के स्रोतों और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जुड़े तमाम गंभीर सवालों का सटीक जवाब खोजना भी समय की सबसे बड़ी मांग और अनिवार्यता होगी।

विज्ञापन