पंजाब से किसानों का एक बहुत बड़ा जत्था दिल्ली में आयोजित होने वाली महापंचायत में शामिल होने के लिए रवाना हो चुका है। लेकिन किसानों के दिल्ली पहुंचने से पहले ही हरियाणा पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम करते हुए शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया है। पुलिस द्वारा नेशनल हाईवे पर भारी बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं ताकि किसान किसी भी स्थिति में दिल्ली की ओर आगे न बढ़ सकें और प्रशासन का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहले से ही युवाओं का प्रदर्शन चल रहा है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
महापंचायत बुलाने का मुख्य कारण
किसान संगठनों द्वारा इस महापंचायत का आयोजन मुख्य रूप से भारत और अमेरिका के बीच होने वाले प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में किया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और गुरनाम सिंह चढूनी ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो अमेरिकी कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद भारतीय बाजारों में भारी मात्रा में पहुंचेंगे। किसानों का तर्क है कि इन सस्ते विदेशी उत्पादों के आने से भारतीय किसानों और मजदूरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और उनकी आय में भारी गिरावट आएगी। इसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए यह महापंचायत बुलाई गई है।
आंदोलन का विस्तार और नेताओं की नजरबंदी
इस किसान महापंचायत में देशभर के लगभग 550 किसान संगठनों और विभिन्न सामाजिक मंचों के शामिल होने का दावा किया गया है। पंजाब के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी किसान दिल्ली के लिए कूच कर चुके हैं। आंदोलन को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है और किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी सहित कई अन्य बड़े किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया है और हरियाणा के किसानों ने आज सुबह 5 बजे ही दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था, जिसके बाद से ही पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
किसानों का पक्ष और बॉर्डर की स्थिति
शंभू बॉर्डर पर पहुंचे कुछ किसानों ने पुलिस की तैयारियों को देखकर नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि उनका इरादा दिल्ली में किसी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का नहीं है, बल्कि वे केवल एक दिन की महापंचायत में शामिल होने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि महापंचायत समाप्त होने के बाद वे वापस लौट जाएंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर को इस तरह से सील किया है जैसे किसान किसी दूसरे देश से दिल्ली की ओर आ रहे हों। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे केवल अपने अधिकारों और खेती-किसानी को बचाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।
जनता और यातायात पर प्रभाव
हरियाणा पुलिस द्वारा सुबह तड़के अचानक शंभू बॉर्डर को बंद किए जाने के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब से हरियाणा के रास्ते दिल्ली जाने वाले सभी वाहन रास्ते में ही फंस गए हैं। विशेष रूप से बड़े-बड़े ट्रक शंभू बॉर्डर के पास बने फ्लाईओवरों पर कतारों में खड़े हैं। स्थिति को देखते हुए पंजाब पुलिस द्वारा इन वाहनों को पंजाब की सीमा से ही यू-टर्न करवाकर वापस भेजा जा रहा है। ट्रक चालकों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्हें इस स्थिति के कारण बहुत नुकसान हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग डेढ़ साल पहले भी शंभू बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन के दौरान उन्हें ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ा था। मौके पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि हरियाणा पुलिस द्वारा बॉर्डर सील किए जाने के कारण ही गाड़ियों को वापस भेजा जा रहा है।