फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आधिकारिक पुष्टि की है कि लेबनान में हुए एक हमले में घायल हुए फ्रांसीसी शांति सैनिक की मृत्यु हो गई है। राष्ट्रपति मैक्रों ने इस घातक हमले के लिए ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यह घटना इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुए 10 दिवसीय सीजफायर के महज दूसरे दिन घटित हुई है, जिससे क्षेत्र में पहले से व्याप्त तनाव और अधिक बढ़ गया है। राष्ट्रपति ने लेबनान की सरकार से इस कृत्य के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की कड़ी मांग की है।
राष्ट्रपति मैक्रों का हिजबुल्लाह पर सीधा आरोप
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 17वीं पैराशूट इंजीनियर रेजिमेंट के चीफ सर्जेंट फ्लोरियन मोंटोरियो, जो मोंटोबान से थे, दक्षिणी लेबनान में एक हमले के दौरान शहीद हो गए हैं। मैक्रों ने स्पष्ट किया कि उनके तीन अन्य साथी भी इस हमले में घायल हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा कि सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि इस हमले की जिम्मेदारी हिजबुल्लाह पर है। उन्होंने लेबनान की सरकार पर जोर देते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाए और दोषियों को अविलंब कानून के दायरे में लाए।
UNIFIL का बयान और हमले की परिस्थितियां
संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) ने घटना के विवरण साझा करते हुए बताया कि शांति सैनिक घांडौरिया गांव के पास एक महत्वपूर्ण मिशन पर थे। उनका कार्य सड़क से विस्फोटक हटाना और उन अलग-थलग पड़े ठिकानों से संपर्क बहाल करना था जो हालिया संघर्ष के कारण कट गए थे। इसी दौरान उन पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। इस हमले में एक शांति सैनिक ने अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की स्थिति गंभीर बनी हुई है और यूएन मिशन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह घटना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है और इसकी औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है।
फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय की पुष्टि और हिजबुल्लाह का इनकार
फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह हमला घांडौरिया क्षेत्र में हुआ था। मंत्रालय के अनुसार, सैनिक सड़क खोलने के अभियान में जुटे थे क्योंकि हाल के इजरायली हमलों के कारण कई महत्वपूर्ण पुल और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। दक्षिणी लेबनान में शांति बनाए रखने के लिए तैनात UNIFIL में फ्रांसीसी सैनिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। समूह ने एक बयान जारी कर कहा कि उसका इस हमले से कोई संबंध नहीं है और फ्रांस द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।