ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है और बातचीत की प्रक्रिया पर फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है, लेकिन युद्ध के दूसरे दौर की तैयारियां जोरों पर हैं। ईरान ने बातचीत के लिए अमेरिका द्वारा रखी गई शर्तों को मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका की ओर से लगाई गई नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक किसी भी प्रकार की बातचीत का सवाल ही पैदा नहीं होता।
ट्रंप की 5 दिन की मोहलत और सीजफायर विस्तार
IRGC के कड़े रुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डील के लिए बेताबी को और बढ़ा दिया है। इस कूटनीतिक खींचतान में डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। ट्रंप समझौते को लेकर इतने बेचैन हैं कि उन्होंने सीजफायर की मियाद को एकतरफा तरीके से आगे बढ़ा दिया है। उन्होंने ईरान को पांच दिन का वक्त दिया है। जैसे ही ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को वार्ता में शामिल न होने की सूचना भेजी, ट्रंप ने हमले के बजाय सीजफायर की अवधि बढ़ा दी। यह उनके बदलते तेवरों को दर्शाता है, जहां वे बमबारी के बजाय बातचीत पर जोर दे रहे हैं।
IRGC की शर्तें और ट्रंप का मजाक
ईरान के सरकारी मीडिया ने एक 44 सेकंड का AI वीडियो जारी किया है, जिसमें ट्रंप के एकतरफा युद्धविराम बढ़ाने के फैसले का मजाक उड़ाया गया है। वीडियो में ट्रंप को अपने प्रतिनिधियों के साथ एक कमरे में ईरानी प्रतिनिधियों का बेसब्री से इंतजार करते दिखाया गया है और iRGC ने चेतावनी दी है कि इस बार अमेरिका को ऐसा सबक सिखाया जाएगा जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा।
ईरानी सत्ता का बदलता स्वरूप और कट्टरपंथ
अयातुल्ला खामेनेई के बाद ईरान का वर्तमान शासन पहले से कहीं अधिक कट्टर और सख्त हो गया है और अब IRGC में अमेरिका के प्रति नफरत और गहरी हुई है और वह बातचीत के बजाय अपनी सैन्य ताकत दिखाने में अधिक विश्वास रखती है। ईरान की सत्ता पर अब IRGC का पूर्ण नियंत्रण है और सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई तक लोगों की पहुंच को सीमित कर दिया गया है। ट्रंप की रणनीति विफल होती दिख रही है क्योंकि 40 दिनों की बमबारी और आर्थिक नाकाबंदी के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है।
क्षेत्रीय देशों को चेतावनी और इजराइल का वॉर प्लान
ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन जैसे अरब देशों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अमेरिका को अपना एयरस्पेस या सैन्य मदद देना बंद नहीं किया, तो उनके ऑयल फेसिलिटीज और सैन्य ठिकानों पर विध्वंसक हमले किए जाएंगे। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद जहाजों और खाड़ी देशों में रह रहे विदेशी नागरिकों को इलाका खाली करने को कहा है। दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने 'राउंड-2' का वॉर प्लान एक्टिव कर दिया है। इजराइल अब ट्रंप के ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहा है ताकि ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों, न्यूक्लियर साइट्स और IRGC के कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया जा सके।