CM Ashok Gehlot: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी और पैरामिलिट्री फोर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पैसों के दम पर राज्यों में सरकारें बदलने को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर्स और पुलिस के ट्रकों में दो नंबर का पैसा भरकर बीजेपी के दफ्तरों तक पहुंचता है।
गहलोत बोले- ये क्या करते हैं, मालूम है आपको? ये पैरामिलिट्री फोर्सेज या पुलिस वालों को पकड़ते हैं, जहां इनकी सरकारें होती हैं। ट्रक में भरकर पैसा लाते हैं, बीजेपी के दफ्तर के पिछवाड़े ले जाते हैं ट्रक को। उससे वो बॉक्स उतरते हैं और अंदर डालते हैं। गाड़ी पुलिस की होती है, उसे पकड़े कौन? लोग सोचते हैं इनके रंगरूट आए होंगे मदद करने।
ये बहुत बड़ा षडयंत्र है देश के साथ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, सच्चाई आपके साथ है। गहलोत जयपुर में सोमवार को शहीद स्मारक पर कांग्रेस के स्वाधीनता दिवस समारोह के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
गहलोत ने कहा- गोवा, अरुणाचल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और अब महाराष्ट्र में आलू प्याज से सरकारें नहीं बदली गई हैं। आप बताइए मोदीजी ने नोटबंदी की। कॉमन सेंस की बात है, 1000-500 के नोट बंद कर दिए, वो नोट बड़ी जगह घेरते हैं।
आपने 1000 का नोट बंद करके 2000 का नोट क्यों शुरू कर दिया? रुपए का जो ट्रांसपोर्टेशन होता है, उसमें 2000 का नोट जगह कम घेरेगा, इसीलिए यह किया।
गुजरात मॉडल फ्लॉप था, पूरे देश को धोखा दिया
गहलोत ने कहा- मोदीजी का गुजरात मॉडल फ्लॉप था। गुजरात मॉडल के नाम पर पूरे देश को धोखा दिया। आडवाणी जी ने शुरुआत की, मोदीजी इसके सहारे दिल्ली पहुंच गए।
उन्होंने कहा- मॉडल कुछ था ही नहीं, केवल मार्केटिंग थी। बीजेपी वाले आज भी मार्केटिंग पर हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। आज आईटी और सोशल मीडिया का जमाना है, बीजेपी वाले इस पर जमकर पैसा खर्च कर रहे हैं।
RSS ने लिखकर दिया था- भविष्य में राजनीति नहीं करेंगे
वहीं स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के एक अन्य कार्यक्रम में गहलोत ने कहा- 'मुझे बचपन के दिन याद हैं, तब हिंदी-इंग्लिश को लेकर आंदोलन होते थे। हम इंग्लिश के खिलाफ होते थे। तमिलनाडु और दक्षिण के लोग हिंदी के खिलाफ होते थे। इतने दंगे हुए थे, ये भूल जाते हैं। इनको पूछो कि आप हिंदू राष्ट्र की बात करते हो।
जब हिंदू राष्ट्र बन जाएगा तब अगड़े-पिछड़े लोग भी हैं। आप छुआछूत को मिटाने की बात क्यों नहीं करते हो? 100 साल का आपका RSS संगठन है, सांस्कृतिक संगठन है, जिस पर सरदार वल्लभ बाई पटेल ने रोक लगाई थी। RSS पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन्होंने लिखकर दिया था कि हम भविष्य में राजनीति नहीं करेंगे, आज वो लोग क्या कर रहे हैं? आज बीजेपी के साथ में मिलकर क्या कर रहे हैं?'