जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया और यहां की प्रसिद्ध गोंडोला केबल कार सेवा में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण पूरी सेवा ठप हो गई। इस तकनीकी समस्या की वजह से करीब 300 पर्यटक केबल कार के डिब्बों में बीच आसमान में ही फंस गए। गोंडोला के अचानक रुक जाने से ऊंचाई पर लटके पर्यटकों के बीच हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्रशासन ने तुरंत स्थिति का संज्ञान लिया और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया।
सेना और पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही भारतीय सेना की 9 राज राइफल्स की टीम मौके पर पहुंच गई। सेना के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला और फंसे हुए 300 पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतारने का काम शुरू किया। बचाव दल के सदस्य बेहद सावधानी के साथ केबल कार के डिब्बों तक पहुंचने और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर लाने के प्रयास में जुटे रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी
बचाव अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए तंगमर्ग के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और तहसीलदार खुद घटनास्थल पर मौजूद रहे। इन अधिकारियों की देखरेख में 9 राज राइफल्स और पुलिस की टीमें तालमेल बिठाकर काम कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता सभी 300 पर्यटकों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालना है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पर्यटकों के परिजनों को भी ढांढस बंधाया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया।
पर्यटकों में दहशत और वर्तमान स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब गोंडोला अचानक हवा में रुक गया, तो उसमें सवार महिलाओं और बच्चों में भारी दहशत फैल गई थी। ऊंचाई पर फंसे होने के कारण लोग काफी घबराए हुए थे। हालांकि, बचाव दल के पहुंचने के बाद पर्यटकों को राहत मिली। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेस्क्यू ऑपरेशन सुचारू रूप से चल रहा है और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बचाव कार्य के दौरान सुरक्षा के हर पहलू का ध्यान रखा जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।
तकनीकी जांच और सेवा की बहाली
इस बीच, गोंडोला सेवा में आई खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष तकनीकी टीम को तैनात किया गया है और यह टीम इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किस तकनीकी खामी की वजह से केबल कार सेवा अचानक रुक गई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जब तक तकनीकी टीम पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो जाती और सुरक्षा मानकों की जांच पूरी नहीं कर ली जाती, तब तक गोंडोला सेवा को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। सुरक्षा ऑडिट के बाद ही पर्यटकों के लिए इसे फिर से खोला जाएगा।
गुलमर्ग गोंडोला न केवल भारत बल्कि एशिया की सबसे ऊंची और दुनिया की प्रमुख केबल कार सेवाओं में से एक है। यहां हर साल देश और विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक बर्फबारी और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं। इतनी महत्वपूर्ण पर्यटन सेवा में तकनीकी खराबी आने के बाद प्रशासन अब भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कह रहा है। फिलहाल, 9 राज राइफल्स, पुलिस और प्रशासन का पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने पर केंद्रित है।