हरियाणा विधानसभा: कांग्रेस विधायकों की पुलिस से झड़प, हुड्डा बोले- मेरे साथ हुई धक्का-मुक्की

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हरियाणा विधानसभा: कांग्रेस विधायकों की पुलिस से झड़प, हुड्डा बोले- मेरे साथ हुई धक्का-मुक्की
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हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज बेहद हंगामेदार रहा। सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने सड़क से लेकर सदन तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चंडीगढ़ में विधानसभा की ओर कूच कर रहे कांग्रेस विधायकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। कांग्रेस विधायक कानून व्यवस्था, दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर पैदल मार्च निकाल रहे थे। इस दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने विधायकों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

राम मंदिर और छात्र आंदोलन पर प्रदर्शन

कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और नीट (NEET) आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के खिलाफ था। विधायकों का आरोप है कि जब वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए पैदल मार्च कर रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग कर दी थी और कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने विधायकों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज भी किया। इस कार्रवाई में कई विधायकों को चोटें आने की बात कही गई है, जिससे विपक्षी खेमे में भारी रोष व्याप्त है।

हुड्डा ने सरकार को घेरा

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस पूरी घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पैदल मार्च के वीडियो और तस्वीरें साझा कीं, जिनमें पुलिस विधायकों को रोकती नजर आ रही है। हुड्डा ने कहा कि आज का दिन संविधान और लोकतंत्र के लिए एक काला दिन साबित हुआ है। उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि देश के हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। हुड्डा ने यहां तक कह दिया कि जिस तरह से पुलिस उनके और अन्य विधायकों के साथ धक्का-मुक्की कर रही थी, उसे देखकर ऐसा लग रहा था मानो सरकार ने पुलिस की वर्दी में गुंडे भेज रखे हों।

सदन के भीतर भारी हंगामा

सड़क पर हुई इस झड़प का असर विधानसभा की कार्यवाही पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया और सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस ने विधायकों के साथ हुई बदसलूकी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि विधानसभा के गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने उनके विधायकों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि उन्हें अपमानित भी किया। विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और हंगामे को देखते हुए स्पीकर हरविंदर कल्याण को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस का कहना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का अपमान सीधे तौर पर हरियाणा की जनता का अपमान है।

सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार

कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर खबर लिखे जाने तक हरियाणा सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार को पुलिस और लाठियों के दम पर सदन चलाना बंद करना चाहिए और उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और चुने हुए प्रतिनिधियों को बलपूर्वक विधानसभा भवन में घुसने से रोका गया है। फिलहाल विधानसभा में गतिरोध बना हुआ है और विपक्ष अपने रुख पर कायम है।

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