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मासूम शर्मा विवाद: पूर्व सरपंच ने गायक से सार्वजनिक माफी की मांग की

मासूम शर्मा विवाद: पूर्व सरपंच ने गायक से सार्वजनिक माफी की मांग की
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हरियाणा के जींद जिले में प्रसिद्ध हरियाणवी गायक मासूम शर्मा और मुआना गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार शाम को मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच से मुलाकात कर इस मामले में माफी मांगी। विकास ने स्पष्ट किया कि मासूम शर्मा वर्तमान में शहर से बाहर हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में वह सुलह की पहल करने आए हैं। हालांकि, पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने इस निजी माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और गायक के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं।

मासूम शर्मा के भाई विकास की सफाई और माफी

विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा से मुलाकात की। विकास ने घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि 18 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में मंच काफी छोटा था। जब मासूम शर्मा ने गायन शुरू किया, तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी। विकास के अनुसार, भीड़ के कारण मंच पर खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा गायक को दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कहा कि मासूम ने केवल मंच खाली करने की अपील की थी और उनकी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी और विकास ने आगे कहा कि यदि मासूम की बातों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह बड़े भाई होने के नाते पूरे हरियाणा के सरपंचों और प्रतिनिधियों से माफी मांगते हैं।

पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा का कड़ा रुख और शर्तें

पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने विकास की माफी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस मामले में अकेले समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने तर्क दिया कि मासूम शर्मा के शब्दों से केवल उन्हें नहीं, बल्कि प्रदेश भर के सरपंच प्रतिनिधियों को ठेस पहुंची है। राजेंद्र शर्मा ने मांग की है कि मासूम शर्मा को स्वयं पंचायत के सामने उपस्थित होना होगा और सार्वजनिक रूप से लाइव माफी मांगनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मासूम शर्मा खुद आकर माफी नहीं मांगते, तब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं माना जाएगा। पूर्व सरपंच ने कहा कि उनके साथ कई अन्य सरपंच और प्रतिनिधि खड़े हैं, और उनकी सहमति के बिना लिया गया कोई भी निर्णय गलत संदेश देगा।

'बटेऊ' वाले व्यवहार पर पूर्व सरपंच का तंज

राजेंद्र शर्मा ने मासूम शर्मा के व्यवहार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उस दिन मंच पर गायक 'बटेऊ' (दामाद या लाडले मेहमान) की तरह नखरे दिखा रहे थे। उन्होंने कहा कि मासूम को अब अपने ये नखरे छोड़कर एक सामान्य व्यक्ति की तरह पंचायत में आना होगा। पूर्व सरपंच ने बताया कि उनकी मासूम शर्मा से फोन पर भी बात हुई है, जिसमें गायक ने बाहर होने की बात कही है। राजेंद्र शर्मा ने कहा कि 25-26 फरवरी को मासूम के वापस आने के बाद ही इस मामले पर सामूहिक रूप से बैठकर विचार किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह मंच से अपमान किया गया था, उसी तरह सार्वजनिक मंच से ही माफी होनी चाहिए।

नवीन जयहिंद की प्रतिक्रिया और जनप्रतिनिधियों का सम्मान

इस विवाद में राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। जयहिंद ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह भी उस रात कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए जनता का प्यार महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे संयम भी रखना चाहिए। जयहिंद ने तर्क दिया कि एक सरपंच या जनप्रतिनिधि के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना अनुचित है और उन्होंने मासूम शर्मा को याद दिलाया कि जब उनके गाने सोशल मीडिया से हटाए गए थे, तब समाज के सभी वर्गों ने उनका साथ दिया था। जयहिंद ने कहा कि सरपंचों की शक्ति बड़ी होती है और कलाकारों को उनके सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।

18 फरवरी की घटना और विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं शादी की सालगिरह के दौरान शुरू हुआ था। कार्यक्रम में जब मासूम शर्मा मंच पर पहुंचे, तो वहां मौजूद भीड़ को देखकर वह नाराज हो गए और वायरल वीडियो के अनुसार, उन्होंने मंच पर मौजूद पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को संबोधित करते हुए कहा था कि वह प्रदर्शन के दौरान किसी भी पद (सरपंच, विधायक या मंत्री) को नहीं मानते। उन्होंने पूर्व सरपंच को नीचे बैठकर कार्यक्रम देखने की बात कही थी और इस घटना के बाद पूर्व सरपंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी और महापंचायत बुलाने की चेतावनी दी थी।

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