इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार तड़के ईरान के खिलाफ एक व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान सहित ईरान के कई प्रमुख शहरों में एक साथ कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई। यह हमला दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसे एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। शनिवार सुबह हुए इन हमलों के बाद ईरान के कई हिस्सों में धुएं का गुबार देखा गया और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर कर दिया गया है।
तेहरान और प्रमुख शहरों में व्यापक हवाई हमले
शनिवार सुबह इजराइल और अमेरिका की संयुक्त सेनाओं ने ईरान के भीतर लगभग 30 रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी तेहरान में कई शक्तिशाली विस्फोट हुए, जिससे शहर के आसमान में धुएं की मोटी परत छा गई। हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि तेहरान के रिहायशी इलाकों में भी धमाकों की गूंज सुनी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को प्रभावित करना था। तेहरान के अलावा अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तरह की सैन्य कार्रवाई की खबरें मिली हैं, जहां सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
सुप्रीम लीडर की सुरक्षा और हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध
हमलों के दौरान सबसे संवेदनशील घटनाक्रम ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास हुआ धमाका रहा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, जैसे ही धमाकों की आवाज सुनी गई, सुप्रीम लीडर को तत्काल एक सुरक्षित और अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। इस हमले के तुरंत बाद, ईरान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने देश के पूरे हवाई क्षेत्र को बंद करने की घोषणा की। सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है और विमानों को ईरानी एयरस्पेस से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संभावित भविष्य के हमलों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है।
अमेरिका और इजराइल के बीच सैन्य समन्वय
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह हमला अमेरिका और इजराइल के बीच एक पूर्व-नियोजित संयुक्त सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच पिछले कई दिनों से इस अभियान को लेकर उच्च स्तरीय चर्चा चल रही थी। हालांकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के प्रयास किए गए थे, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर न पहुंचने के कारण सैन्य विकल्प को चुना गया। इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने एक बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से संभावित खतरों को रोकने के लिए आवश्यक थी। इजराइल का दावा है कि यदि यह हमला नहीं किया जाता, तो ईरान की ओर से इजराइली क्षेत्रों पर हमला होने की प्रबल संभावना थी।
ईरान में जमीनी स्थिति और नागरिक सुरक्षा उपाय
हमलों के बाद ईरान के शहरों में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। सड़कों पर बड़ी संख्या में एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को देखा जा रहा है, जो घायल लोगों को अस्पतालों तक पहुँचाने में जुटे हैं। तेहरान और अन्य प्रभावित शहरों में नागरिक सुरक्षा के लिए एयर अटैक सायरन बजाए गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग सुरक्षा के लिए भूमिगत बंकरों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते देखे गए। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को घरों के अंदर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आपातकालीन सेवाओं को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास की सुरक्षा एडवाइजरी
क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए, इजराइल स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है और दूतावास ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक इजराइली अधिकारियों और होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों पर ध्यान दें। दूतावास ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और आपातकालीन स्थिति में दूतावास के संपर्क सूत्रों से जुड़ने की सलाह दी है। यह कदम क्षेत्र में अनिश्चितता और संभावित सैन्य टकराव के विस्तार को देखते हुए उठाया गया है।