मदन दिलावर का डोटासरा पर तीखा हमला, पेपर लीक मामले में साधा निशाना

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
मदन दिलावर का डोटासरा पर तीखा हमला, पेपर लीक मामले में साधा निशाना
विज्ञापन

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा प्रहार किया है। यह हमला उस समय हुआ जब दिलावर जहाजपुर में आयोजित चारागाह दर्शन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने डोटासरा के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और उन पर गंभीर आरोप लगाए।

हाड़ौती की कहावत से किया कटाक्ष

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन के दौरान हाड़ौती अंचल की एक प्रसिद्ध कहावत का जिक्र करते हुए डोटासरा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "नकटे-बूंचे सबसे ऊंचे"। इस कहावत के जरिए उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कार्यशैली और उनके बयानों पर राजनीतिक कटाक्ष किया और दिलावर का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और उन्होंने इसके माध्यम से विपक्षी नेता की घेराबंदी की।

पेपर लीक और 27 लाख युवाओं का मुद्दा

मंत्री मदन दिलावर ने अपने भाषण में पेपर लीक मामले को लेकर पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए और दिलावर ने दावा किया कि डोटासरा ने अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपये में पेपर बेचने का काम किया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस भ्रष्टाचार की वजह से राजस्थान के 27 लाख युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया और उनके साथ अन्याय हुआ। दिलावर ने स्पष्ट रूप से कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

जेल और महेश जोशी का जिक्र

" इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता महेश जोशी का भी जिक्र किया और दिलावर ने कहा कि जेल में महेश जोशी के पास वाली बैरक अभी खाली है, जिसका सीधा इशारा डोटासरा की संभावित गिरफ्तारी की ओर था। इस बयान के बाद राजस्थान की सियासत में एक बार फिर पेपर लीक और कथित अनियमितताओं का मुद्दा गरमा गया है।

जहाजपुर कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व

भीलवाड़ा के जहाजपुर में आयोजित यह चारागाह दर्शन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह पूरी तरह से राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। शिक्षा मंत्री ने इस मंच का उपयोग कांग्रेस सरकार के समय हुए कथित घोटालों को उजागर करने के लिए किया। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि पेपर लीक मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इस बयानबाजी ने आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में और अधिक गर्माहट आने के संकेत दे दिए हैं।

विज्ञापन