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एमके स्टालिन का बड़ा ऐलान, टीवीके सरकार को उखाड़ फेंकने का किया आह्वान

एमके स्टालिन का बड़ा ऐलान, टीवीके सरकार को उखाड़ फेंकने का किया आह्वान
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द्रमुक अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि अब राज्य में परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं और टीवीके सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है और स्टालिन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक सरकार को अस्थिर करने का कोई कदम इसलिए नहीं उठाया था क्योंकि वे तमिलनाडु में राजनीतिक अनिश्चितता नहीं चाहते थे, लेकिन अब उनका रुख बदल गया है।

दया पर चल रही है मौजूदा सरकार

एक विशेष कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, जहां अन्नाद्रमुक के कई नेता द्रमुक में शामिल हुए, स्टालिन ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उन दलों के समर्थन पर टिकी है जो कभी द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे। उन्होंने दावा किया कि इन दलों ने द्रमुक गठबंधन के तहत ही विधानसभा सीटें हासिल की थीं। स्टालिन ने कहा, "मौजूदा सरकार हमारे पूर्व गठबंधन सहयोगियों की दया पर काम कर रही है। वे दल चाहते थे कि द्रमुक की जीत हो। उनके नेताओं ने मुझे कई मौकों पर बताया था कि वे टीवीके में शामिल होने का इरादा रखते हैं।

राजनीतिक स्थिरता और भविष्य की रणनीति

स्टालिन ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि उन्होंने पहले कड़े कदम क्यों नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय वह ऐसी स्थिति नहीं चाहते थे जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाए या भारतीय जनता पार्टी के शासन का रास्ता साफ हो जाए। हालांकि, अब उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडरों से टीवीके सरकार को सत्ता से हटाने के लिए सक्रिय होने का आह्वान किया है। स्टालिन ने पूरा भरोसा जताया कि द्रमुक जल्द ही राज्य की सत्ता में शानदार वापसी करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरे।

तमिलनाडु चुनाव के आंकड़ों का विश्लेषण

तमिलनाडु में इस साल हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे काफी दिलचस्प और ऐतिहासिक रहे। इस चुनाव में अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 108 सीटें जीतीं। हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी 118 का आंकड़ा किसी भी एक दल को नहीं मिला। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले द्रमुक गठबंधन को कुल 73 सीटें मिलीं। इस गठबंधन में द्रमुक को 59 सीटें, कांग्रेस को 5 सीटें, सीपीआई को 2 सीटें, सीपीआई-एम को 2 सीटें, वीसीके को 2 सीटें, आईयूएमएल को 2 सीटें और डीएमडीके को 1 सीट प्राप्त हुई।

गठबंधन की राजनीति और नई सरकार

दूसरी ओर, अन्नाद्रमुक गठबंधन को कुल 53 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस गठबंधन में अन्नाद्रमुक को 47 सीटें, पीएमके को 4 सीटें, भाजपा को 1 सीट और एएमएमके को 1 सीट मिली। चूंकि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, इसलिए अन्य दलों के समर्थन से टीवीके की सरकार बनी। इसके बाद सी. जोसेफ विजय, जिन्हें थलापति विजय के नाम से जाना जाता है, ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और अब स्टालिन के इस नए ऐलान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने की संभावना है।

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