भारत के दिग्गज जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने चोट से उबरने के बाद अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार का प्रदर्शन जारी रखा है। स्विट्जरलैंड के लुसैन में शुक्रवार 21 अगस्त की रात को आयोजित डायमंड लीग में नीरज ने अपने कौशल का लोहा मनवाया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने सीजन के बेस्ट थ्रो के करीब 3 हफ्ते बाद, नीरज ने लुसैन डायमंड लीग में अपने थ्रो की दूरी में 2 मीटर से भी अधिक का सुधार करने में सफलता हासिल की। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन और सीजन के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के बावजूद, उन्हें एक बार फिर दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स की तरह ही इस बार भी नीरज को श्रीलंका के उभरते हुए खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिरागा से कड़ी टक्कर मिली और वह शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गए।
भारत और श्रीलंका के बीच नई प्रतिद्वंद्विता
लुसैन डायमंड लीग में मेंस जैवलिन थ्रो स्पर्धा के दौरान एक नया समीकरण देखने को मिला। आमतौर पर जैवलिन थ्रो के मुकाबलों में नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम के बीच की टक्कर पर सबकी नजरें होती हैं, लेकिन इस बार पाकिस्तानी खिलाड़ी इस इवेंट का हिस्सा नहीं थे। अरशद नदीम की अनुपस्थिति में इस मुकाबले का पूरा केंद्र भारत और श्रीलंका के थ्रोअर्स के बीच की प्रतिस्पर्धा बन गया। खेल प्रेमियों को यहां एक नई राइवलरी उभरती हुई दिखाई दी, जहां नीरज चोपड़ा और रुमेश थरंगा पथिरागा के बीच पहले स्थान के लिए जबरदस्त संघर्ष हुआ।
मुकाबले का रोमांच: राउंड-दर-राउंड का विवरण
स्पर्धा की शुरुआत से ही रोमांच चरम पर था। 99 मीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल कर लिया। 54 मीटर की दूरी तक पहुंचाया, जिससे वह दूसरे स्थान पर काबिज हो गए। 06 मीटर का थ्रो किया। लेकिन इसी राउंड में नीरज चोपड़ा का जलवा देखने को मिला। 06 मीटर की दूरी तक फेंक कर सबको हैरान कर दिया और पहले स्थान पर पहुंच गए।
06 मीटर का थ्रो इस सीजन का उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 83 मीटर के थ्रो से 2 मीटर से भी ज्यादा का सुधार था। इस थ्रो ने भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि नीरज इस बार स्वर्ण पदक या पहला स्थान हासिल करने में सफल रहेंगे।
महज 8 सेंटीमीटर का फासला
नीरज चोपड़ा और भारतीय प्रशंसकों की यह खुशी अधिक समय तक नहीं टिक पाई। 14 मीटर की दूरी हासिल कर नीरज को पीछे छोड़ दिया। 72 मीटर की दूरी तय की, लेकिन वह रुमेश के आंकड़े को पार नहीं कर सके। इसके बाद के अगले तीन राउंड में भी दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। अंततः, नीरज चोपड़ा और रुमेश के बीच जीत का अंतर केवल 8 सेंटीमीटर का रहा। 06 मीटर के इन आंकड़ों ने नीरज को पहले स्थान से महज कुछ ही दूरी पर रोक दिया।
डायमंड लीग फाइनल की ओर कदम
भले ही नीरज चोपड़ा इस प्रतियोगिता में पहले स्थान से चूक गए हों, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वह अपनी लय वापस पा चुके हैं। सीजन का बेस्ट थ्रो फेंकने के बाद अब नीरज चोपड़ा 5 सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में पहुंचने की दहलीज पर खड़े हैं। लुसैन में उनके द्वारा दिखाए गए जुझारूपन और तकनीकी सुधार ने आगामी फाइनल मुकाबले के लिए उम्मीदें जगा दी हैं। खेल जगत की नजरें अब ब्रुसेल्स पर टिकी हैं, जहां नीरज एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।