महिला हॉकी वर्ल्ड कप: नीदरलैंड्स से हारी भारतीय टीम, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला

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महिला हॉकी वर्ल्ड कप: नीदरलैंड्स से हारी भारतीय टीम, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला
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एम्सटेलवीन के खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम में खेले गए एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप के दूसरे राउंड के पहले मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम को एक कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा और दुनिया की नंबर 1 टीम और मेजबान नीदरलैंड्स ने भारत को 0-2 से शिकस्त दी। पेरिस ओलंपिक की गोल्ड मेडल विजेता और लगातार तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन डच टीम के तूफानी हमलों के सामने भारतीय गोलकीपरों ने दीवार की तरह प्रदर्शन किया। सविता पूनिया और बिछू देवी ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए कई निश्चित गोल बचाए, लेकिन अंततः पेनल्टी कॉर्नर के दो मौकों को भुनाकर मेजबान टीम ने जीत अपने नाम कर ली। इस टूर्नामेंट में यह भारतीय महिला टीम की पहली हार है।

मैच की शुरुआत और डच टीम का दबदबा

नीदरलैंड्स ने अपनी ख्याति के अनुरूप मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। मैच के दूसरे ही मिनट में डच टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर यिब्बी यानसेन ने शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह इस टूर्नामेंट में यिब्बी यानसेन का 7वां गोल था। हालांकि, इसके बाद भारतीय रक्षापंक्ति और विशेषकर गोलकीपर बिछू देवी ने जबरदस्त मुस्तैदी दिखाई। मैच के 5वें और 6वें मिनट में बिछू देवी ने यिब्बी के दो बेहद खतरनाक शॉट्स को रोककर भारतीय टीम को मैच में बनाए रखा और स्कोर को बढ़ने नहीं दिया।

सविता पूनिया का बचाव और भारत के मौके

दूसरे क्वार्टर में भी नीदरलैंड्स ने अपना दबाव जारी रखा, लेकिन भारतीय कप्तान सविता पूनिया ने अपनी अनुभव का परिचय देते हुए पियेन सैंडर्स और पियेन डिके के करीब से लिए गए प्रयासों को विफल कर दिया। इस दौरान भारत को भी वापसी के कुछ बेहतरीन मौके मिले। मैच के 19वें मिनट में भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन दीपिका का ड्रैग फ्लिक विपक्षी टीम के फर्स्ट रशर से टकराकर बाहर निकल गया। इसके बाद 22वें मिनट में नवनीत कौर को भी एक मौका मिला, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के बाहर चला गया, जिससे भारत बराबरी करने से चूक गया।

दूसरे हाफ का रोमांच और निर्णायक गोल

तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने रक्षात्मक रूप से काफी मेहनत की। सलीमा टेटे ने बेहतरीन रशिंग का प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड्स के एक खतरनाक पेनल्टी कॉर्नर को नाकाम किया। हालांकि, 38वें मिनट में नीदरलैंड्स को मैच का पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार फ्रेडरिक माल्टा का शॉट भारतीय डिफेंडर के पैर से डिफ्लेक्ट होकर गोलपोस्ट के अंदर चला गया और नीदरलैंड्स की बढ़त 2-0 हो गई। मैच के आखिरी क्वार्टर में भारत ने गोल करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन गेंद पर नियंत्रण खोने के कारण वे अपने हमलों को अंजाम तक नहीं पहुंचा सके और मैच के आखिरी सेकंडों में भी नीदरलैंड्स को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे सविता पूनिया ने मुस्तैदी से रोक दिया।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अब महामुकाबला

इस हार के बाद भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह अब काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है और टूर्नामेंट में यह भारत की पहली हार है और अब टीम इंडिया को अपनी टॉप 4 की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए रविवार को होने वाले अपने अगले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। भारत का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो अब एक 'करो या मरो' की स्थिति वाला मैच बन गया है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलियाई चुनौती को पार करना अनिवार्य होगा।

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