Delhi: शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए वैकल्पिक कैलेंडर लॉन्च कर दिया है। इस कैलेंडर में हफ्तेवार आठ हफ्ते का शेड्यूल दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को 8 हफ्ते का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है। इस कैलेंडर को सीनियर सेकेंडरी स्टूडेंट्स के लिए एनसीईआरटी (NCERT) द्वारा बनाया गया है।
केद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सभी टीचर्स से अपील की है कि वे घर पर सुरक्षित रहें और अपने छात्रों को घर से सीखने में मदद करें। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसके लिए वे अपने मोबाइल फोन, एसएमएस, टेलीविजन, रेडियो और तमाम सोशल मीडिया टूल्स का इस्तेमाल करें।
एनसीईआरटी का सिलेबस फॉलो करने वाले 9वीं से 12वीं के बीच के सभी छात्रों के लिए ये कैलेंडर लागू होगा। इस कैलेंडर का उद्देश्य घर से पढ़ाई करने वाले छात्रों को टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया का प्रयोग करके शिक्षा देना है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से ये अल्टरनेटिव कैलेंडर साझा किया गया है।
क्या होगा मोड ऑफ एजुकेशन
अभी फिजिकल टीचिंग को लेकर न तो स्कूलों और न ही कॉलेजों को अनुमति दी गई है। दोनों की अभी ऑनलाइन शिक्षा जारी रखनी होगी और उन्हें एक हाइब्रिड मॉडल का पालन करना होगा। आधिकारिक नोटिस में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैंपसों में भीड़भाड़ से बचने के लिए स्कूलों और कॉलेजों दोनों को अपने एकेडमिक कैलेंडर को संशोधित करने के लिए कहा है।
खोले जाएंगे लैब
कॉलेजों में प्रयोगशालाएं खुली होंगी। प्रशिक्षु छह फीट की दूरी से उपकरण इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा जिमनैजियम सीमित क्षमताओं के साथ खुले रहेंगे और कॉलेजों और स्कूलों में स्विमिंग पूल बंद रहेंगे। स्कूलों के लिए, सुबह की असेंबली की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्र आपस में कोई चीज शेयर नहीं कर पाएंगे।
Alternative Academic Calendar (AAC) for 12 weeks for primary & upper primary stages and AAC for secondary & higher secondary stages for 4 weeks had already been released. pic.twitter.com/tJfUOxAcOm
— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) September 15, 2020
कौन से कॉलेज और स्कूल खुलेंगे
जो स्कूल और कॉलेज कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं, वही सरकारी नियमों के अनुसार खुलेंगे। परिसरों के अंदर छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को रहने की अनुमति नहीं होगी। बुजुर्ग, गर्भवती माताएं, ज्यादा बीमारियों वाले लोग जो हाई रिस्क में हैं, उन्हें परिसर में नहीं बुलाया जाएगा।
कैसे फिर से खुलेंगे स्कूल
सभी परिसरों को फिर से खोलने से पहले पूरी तरह से सैनिटाइजेशन करना होगा। खासकर जिन परिसरों को COVID केंद्र बनाया गया था। उन परिसरों को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन वाले पदार्थों से साफ करना होगा।