संसद के मानसून सत्र के सोमवार के दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में भारी गहमागहमी और हंगामा देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर मुखर हो गए और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आसन तक पहुंच गए, जिसके कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
लोकसभा में नीट और राम मंदिर मुद्दे पर टकराव
लोकसभा में विपक्षी सांसदों का मुख्य विरोध नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के दावों को लेकर था। सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने इन विषयों पर तुरंत चर्चा की मांग शुरू कर दी। सांसदों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और वे लगातार नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि नारेबाजी करने से सदन की मर्यादा नहीं बढ़ती है और उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन के भीतर केवल सार्थक चर्चा ही होनी चाहिए और सभी सदस्यों को नियमों के तहत अपनी बात रखने का उचित मौका दिया जाएगा।
स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की और कहा कि तख्तियां लहराना और आसन के पास आकर शोर मचाना संसदीय परंपराओं के अनुकूल नहीं है। हालांकि, विपक्ष के कड़े रुख और लगातार हो रहे हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने का निर्णय लिया। विपक्ष का स्पष्ट कहना था कि जब तक इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे का सरकार पर हमला
दूसरी ओर, राज्यसभा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और उनकी आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने सदन में कहा कि जंतर मंतर पर हजारों बच्चे अपने हक की लड़ाई लड़ने आए थे, लेकिन वहां उन पर लाठीचार्ज किया गया। खरगे ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार छात्रों को मारने की कोशिश कर रही है और उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
मानसून सत्र की अवधि और आगामी विधेयक
संसद का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाला है। इस सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन के पटल पर रखने की तैयारी में है। विशेष रूप से, परिसीमन से संबंधित एक महत्वपूर्ण बिल भी इस सत्र के दौरान पेश किए जाने की संभावना है। सरकार ने 20 जुलाई से 13 अगस्त की इस अवधि के लिए एक विस्तृत विधायी एजेंडा तैयार किया है, जिसमें कई अहम बिल शामिल हैं। हालांकि, सत्र की शुरुआत में ही नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर जिस तरह का गतिरोध देखने को मिला है, उससे विधायी कार्यों के सुचारू संचालन पर सवालिया निशान लग गए हैं।