प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने पूरे देश में 'आशीर्वाद का दीया' अभियान का भव्य शुभारंभ किया है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत देश के विभिन्न कोनों में प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु और सार्वजनिक जीवन में उनके गौरवशाली 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। वाराणसी की पवित्र धरती से लेकर असम के सुदूर क्षेत्रों तक, हर जगह 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट किया गया।
देश की राजधानी दिल्ली में दिखा अद्भुत नजारा
दिल्ली में इस अवसर पर एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाम 7 बजते ही कर्तव्य पथ, सेवा तीर्थ और नई संसद के आसपास का पूरा क्षेत्र 1 लाख 25 हजार दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। विजय चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शिरकत की और 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपनी शुभकामनाएं और आशीर्वाद व्यक्त किया। इतनी बड़ी संख्या में जलते हुए दीयों ने राजधानी के हृदय स्थल को एक अलौकिक आभा से भर दिया।
कोलकाता और उत्तराखंड में उमड़ा जनसैलाब
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन बाजा कदमतला घाट पर किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए। उनके नेतृत्व में घाट पर 1 लाख मिट्टी के दीये जलाए गए, जिससे पूरा तट रोशनी से सराबोर हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन के जश्न में शामिल होने पहुंचे। वहीं, देवभूमि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देहरादून के कालसी में विशेष आरती की और उनके दीर्घायु होने की कामना की।
लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर भव्य आयोजन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम आयोजित किया गया और इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी नेताओं ने मिलकर प्रधानमंत्री के लिए आशीर्वाद का दीया जलाया और इस मौके पर वहां भारी संख्या में आम नागरिक और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "हम सब लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर इकट्ठा हुए हैं। यह वाकई एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन 25 दिसंबर 2025 को किया गया था।
रक्षा मंत्री की अपील और गंगा घाट पर आरती
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर मैंने दीया जलाकर भगवान से उनकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र की प्रार्थना की है। उनके कुशल नेतृत्व में भारत को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प और भी मजबूत हो, यही मेरी दिली इच्छा है।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी उत्साह का माहौल रहा। वहां के खिलाड़ियों ने डॉ संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सिगरा में दीये जलाकर अपने सांसद का सम्मान किया। इस अवसर पर महापौर अशोक कुमार तिवारी और आरएसओ नवीन कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में आयोजित 'आशीर्वाद का दिया' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।
उज्जैन में 33 लाख दीपों का विश्व कीर्तिमान
अवंतिका नगरी उज्जैन में गुरुवार की शाम एक नया स्वर्णिम इतिहास रचा गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम ने अपनी भव्यता और अभूतपूर्व उत्साह से पूरे देश को चकित कर दिया। शिप्रा नदी के तट पर एक साथ 33 लाख से अधिक दीयों की जगमगाहट के साथ उज्जैन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस अद्भुत दृश्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान पहली बार उज्जैन पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में भव्य स्वागत किया गया। नितिन नबीन ने नृसिंह घाट से रामघाट तक नाव की सैर की और वहां मौजूद जनसैलाब का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने मुख्य मंच पर आयोजित भव्य महाआरती में सम्मिलित होकर पहला दीया प्रज्ज्वलित किया। शाम को जैसे ही सायरन की गूंज सुनाई दी, रामघाट, दत्त अखाड़ा, महाकाल लोक और आसपास के सभी घाटों पर 30 लाख से अधिक दीपक एक साथ प्रज्ज्वलित हो उठे, जिससे पूरी शिप्रा नगरी दीपों के प्रकाश से नहा गई।