रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो को एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि रूस किसी भी यूरोपीय देश पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है, लेकिन यदि रूस के अपने क्षेत्र पर हमला होता है, तो वह अपने पास मौजूद सभी हथियारों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा और मॉस्को में आयोजित वाल्दाई फोरम के दौरान बोलते हुए पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने विशेष रूप से कालिनिनग्राद का उल्लेख किया और कहा कि यदि इस क्षेत्र या रूस के किसी अन्य हिस्से पर सीधा हमला किया जाता है, तो रूस अपनी रक्षा के लिए अपनी पूरी सैन्य शक्ति और सभी प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल करेगा। पुतिन ने जोर देकर कहा कि यह स्थिति रूस के लिए अत्यंत गंभीर होगी और इसका जवाब भी उसी तीव्रता से दिया जाएगा।
कालिनिनग्राद और नाटो के बीच बढ़ता तनाव
कालिनिनग्राद रूस का सबसे पश्चिमी इलाका है और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है और यह क्षेत्र नाटो के सदस्य देशों पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है, जिसके कारण यहां रूस की भारी सैन्य मौजूदगी रहती है। रूस ने नाटो को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि कालिनिनग्राद को रूस के मुख्य हिस्से से काटने या अलग करने की कोई भी कोशिश की गई, तो वह इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परमाणु हथियारों के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। इस क्षेत्र को लेकर रूस और नाटो के बीच पिछले कुछ समय से तनाव काफी बढ़ गया है।
नाटो की प्रतिक्रिया और हाइब्रिड वॉर के आरोप
नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने रूस के इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नाटो की सैन्य व्यवस्था पूरी तरह से रक्षात्मक है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देना किसी भी तरह से मददगार नहीं है। गौरतलब है कि 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस और पश्चिमी देशों के बीच संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। कई यूरोपीय देशों ने रूस पर तोड़फोड़ और आगजनी जैसी गतिविधियों के माध्यम से हाइब्रिड वॉर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, हालांकि रूस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक की संभावना
पुतिन ने अपने संबोधन में वैश्विक नेताओं से अपील की कि वे ऐसी स्थितियां पैदा न करें जिनसे बड़े विनाश वाले हथियारों के इस्तेमाल की नौबत आए। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार बढ़ता तनाव एक ऐसे मोड़ पर पहुंच सकता है जहां से वापसी संभव नहीं होगी। इसके साथ ही पुतिन ने कूटनीतिक बातचीत के संकेत भी दिए और उन्होंने कहा कि वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह शर्त भी रखी कि इस तरह की किसी भी बैठक से पहले उसका एजेंडा स्पष्ट रूप से तय किया जाना चाहिए।
यूक्रेन युद्ध का आर्थिक प्रभाव और भविष्य की रणनीति
यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध पर बात करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन के ठिकानों पर अपने हमले जारी रखेगा। उन्होंने पहली बार यह स्वीकार किया कि यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए गए हमलों से रूस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। पुतिन के अनुसार, इन हमलों के कारण रूस की जीडीपी को लगभग 1 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस फिलहाल उन यूरोपीय हथियार फैक्ट्रियों पर हमला करने की कोई योजना नहीं बना रहा है जो यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रही हैं।