पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन: पुलिस ने राहुल गांधी को उठाकर हटाया, प्रियंका और अखिलेश भी हिरासत में

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पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन: पुलिस ने राहुल गांधी को उठाकर हटाया, प्रियंका और अखिलेश भी हिरासत में
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प्रधानमंत्री आवास के बाहर पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा विपक्ष का विरोध प्रदर्शन उस समय नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया, जब पुलिस ने राहुल गांधी को शारीरिक रूप से उठाकर वहां से हटाया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे राहुल गांधी पुलिस के आने पर जमीन पर लेट गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ और पैर से पकड़कर उठाया और वहां से ले गए। इस प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

धरने का घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजकर 30 मिनट पर संसद से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला और वहीं धरने पर बैठ गए। यह धरना करीब तीन घंटे तक चला। शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाना शुरू किया। इस दौरान राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और केरल के मुख्यमंत्री सतीशन भी धरना स्थल पर मौजूद थे। पुलिस ने इन सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। विपक्षी नेता लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे।

जितेंद्र सिंह की मध्यस्थता और मांगों में बदलाव

प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत करने पहुंचे और उन्होंने पहले राहुल गांधी से चर्चा की और फिर गृह मंत्री अमित शाह के पास गए। शाह से बातचीत करने के बाद वह दोबारा राहुल गांधी के पास आए। जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि राहुल गांधी की शुरुआती मांग नीट पर संसद में चर्चा की थी, जिसे मान लिया गया था। हालांकि, मंत्री का दावा है कि राहुल गांधी बाद में अपनी बात से मुकर गए और उन्होंने दो मांगें रख दीं। पहली मांग नीट पर संसद में चर्चा और दूसरी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी।

गृह सचिव के साथ तीखी बहस

धरना स्थल पर गृह सचिव ने भी राहुल गांधी से बातचीत की। गृह सचिव ने राहुल गांधी से कहा कि यह जगह धरने के लिए अनुकूल नहीं है और उन्हें यहां से हट जाना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह उनकी मर्जी है कि वह कहां बैठें। राहुल गांधी और प्रशासन के बीच यह बहस काफी देर तक चलती रही, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर नेताओं को वहां से हटाना शुरू किया।

छात्रों के भविष्य पर राहुल गांधी का प्रहार

धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने लिखा कि वह युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए प्रधानमंत्री के घर तक मार्च कर रहे हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में बहस करना चाहती है। मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश का छात्र कह रहा है कि उसका कोई भविष्य नहीं बचा है, लेकिन सरकार के मंत्री अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं और उन्होंने कहा कि जिस देश में छात्र अपना भविष्य खो दे और मंत्री अपनी कुर्सी न खोए, वहां न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।

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