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राहुल गांधी ने मानहानि मामले में आरोपों को नकारा, सुल्तानपुर कोर्ट में पेशी

राहुल गांधी ने मानहानि मामले में आरोपों को नकारा, सुल्तानपुर कोर्ट में पेशी
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कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। यह पेशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ वर्ष 2018 में की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में हुई। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनके वकील के अनुसार, राहुल गांधी ने अदालत को बताया कि उनके खिलाफ यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है।

अदालत की कार्यवाही और राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी सुबह करीब 10:30 बजे सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे और लगभग 20 मिनट तक अदालत परिसर के भीतर रहे। उनके वकील काशी शुक्ला के अनुसार, राहुल गांधी का बयान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने न्यायाधीश का अभिवादन किया और शांतिपूर्वक अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा दिए गए बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया है और यह मामला केवल उन्हें राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए दर्ज कराया गया है। कार्यवाही समाप्त होने के बाद उन्होंने अदालत का आभार व्यक्त किया।

मानहानि मामले की पृष्ठभूमि और 2018 का संदर्भ

यह कानूनी विवाद करीब 8 साल पुराना है। आरोप है कि राहुल गांधी ने 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष हत्या के आरोपी हैं। इस बयान के बाद सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में कोर्ट ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।

सुरक्षा व्यवस्था और समर्थकों की भीड़

राहुल गांधी की पेशी को देखते हुए सुल्तानपुर कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह से ही हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक कोर्ट के बाहर जमा हो गए थे। जब राहुल गांधी कोर्ट पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। सुरक्षा कारणों से और भीड़ के दबाव को देखते हुए, सुनवाई के बाद सुरक्षाकर्मियों ने राहुल गांधी को मुख्य द्वार के बजाय दूसरे गेट से बाहर निकाला। लखनऊ एयरपोर्ट से सुल्तानपुर तक के रास्ते में भी कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

रामचेत मोची के परिवार से मुलाकात

कोर्ट की कार्यवाही पूरी करने के बाद राहुल गांधी सीधे रामचेत मोची के घर के लिए रवाना हुए। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर पिछले साल राहुल गांधी ने रुककर जूते सिले थे। करीब तीन महीने पहले रामचेत की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। राहुल गांधी ने उनके परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने पहले रामचेत को एक सिलाई मशीन भी उपहार स्वरूप भेजी थी। इस मुलाकात को राहुल गांधी के स्थानीय जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

अगली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया

सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च 2026 की तारीख निर्धारित की है। वकील काशी शुक्ला के अनुसार, अगली सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष और बचाव पक्ष दोनों को अपने-अपने साक्ष्य और दलीलें पेश करने का अवसर दिया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले की निरंतरता बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहना होगा। फिलहाल, राहुल गांधी को इस मामले में जमानत मिली हुई है और आज की प्रक्रिया केवल बयान दर्ज करने तक सीमित थी।

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