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राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे को मिली जान से मारने की धमकी

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे को मिली जान से मारने की धमकी
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राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह को जान से मारने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। यह मामला नागौर जिले के खींवसर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से धनंजय सिंह को निशाना बनाने की बात कही है और इस गंभीर घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और मामले की गहनता से तहकीकात शुरू कर दी गई है।

अटल भवन में फोन कॉल पर दी गई सीधी धमकी

धनंजय सिंह द्वारा पुलिस को दी गई लिखित रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना 5 जून की सुबह की है। उस समय वे खींवसर फोर्ट परिसर में स्थित अपने कार्यालय 'अटल भवन' में मौजूद थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने उनसे उनके जयपुर प्रवास के बारे में जानकारी मांगी। धनंजय सिंह ने सहज भाव से उत्तर देते हुए बताया कि वे 2 दिन बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए जयपुर जाने वाले हैं।

जैसे ही धनंजय सिंह ने अपने जयपुर जाने के कार्यक्रम का जिक्र किया, आरोपी ने धमकी भरे लहजे में बात करना शुरू कर दिया। आरोपी ने कहा कि ध्यान रखना। जब धनंजय सिंह ने उससे पूछा कि वह क्या कहना चाहता है और उसका नाम क्या है, तो आरोपी ने सीधे तौर पर कहा, "ध्यान रखना, गोली मार दूंगा"। इस पर धनंजय सिंह ने उसे जवाब दिया कि उनके साथ क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT) का जाब्ता तैनात रहता है और उनके पास भी हथियार हैं। यह सुनते ही आरोपी ने तुरंत फोन काट दिया।

फेसबुक और सोशल मीडिया पर भी धमकियों का सिलसिला

पुलिस को दी गई जानकारी में यह भी सामने आया है कि धमकियों का यह सिलसिला केवल फोन कॉल तक ही सीमित नहीं था। धनंजय सिंह के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी पिछले कुछ समय से लगातार धमकियों भरे संदेश और आपत्तिजनक कमेंट्स किए जा रहे हैं और इन धमकियों ने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। धनंजय सिंह ने इन सभी धमकियों के स्क्रीनशॉट और संबंधित फेसबुक यूआरएल पुलिस को सौंप दिए हैं ताकि तकनीकी जांच में मदद मिल सके।

पुलिस की कार्रवाई और साइबर सेल की भूमिका

खींवसर थानाधिकारी अदिति उपाध्याय ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक अत्यंत गंभीर मामला है और इसे प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा एसआई अमर चंद को सौंपा गया है। पुलिस की साइबर सेल टीम भी इस मामले में सक्रिय हो गई है और वह कॉलर की लोकेशन ट्रेस करने के साथ-साथ फेसबुक यूआरएल की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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