TiE Global Summit: राजस्थान को आईटी हब बनाने की तैयारी: जयपुर में 200+ ग्लोबल सेंटर, 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य

TiE Global Summit - राजस्थान को आईटी हब बनाने की तैयारी: जयपुर में 200+ ग्लोबल सेंटर, 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य
| Updated on: 02-Jan-2026 05:45 PM IST
भजनलाल सरकार राजस्थान को एक अग्रणी आईटी हब के रूप में। स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इस व्यापक रणनीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी) जैसे उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। इस दिशा में, 4 से 6 जनवरी तक आयोजित होने वाला राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026, सरकार की इसी दूरगामी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो निवेश आकर्षित करने और राज्य की डिजिटल क्षमता को प्रदर्शित करने का एक मंच होगा।

डिजिटल परिवर्तन की रणनीतिक दृष्टि

राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए चार नई और प्रगतिशील नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों में राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2025, राजस्थान एवीजीसी नीति 2024, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025 और राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी 2026 शामिल हैं। ये नीतियां राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती हैं और सरकार का मानना है कि इन नीतियों के माध्यम से राजस्थान न केवल तकनीकी रूप से उन्नत होगा, बल्कि रचनात्मक उद्योगों में भी अपनी पहचान बनाएगा।

डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा

डिजिटल और डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर सरकार का विशेष जोर डेटा सेंटर सेक्टर पर है और जयपुर में स्थित भामाशाह डेटा सेंटर पहले ही 800 रैक क्षमता वाला एक अत्याधुनिक टियर-4 डेटा सेंटर बन चुका है, जो राज्य की डिजिटल रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य कर रहा है। अब, निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स को आकर्षित करने के उद्देश्य से राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025 लाई गई है। इस नीति के तहत, निवेशकों को 10 वर्षों तक एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, बड़े निवेशकों के लिए अतिरिक्त सनराइज इंसेंटिव, ब्याज अनुदान, बिजली और भूमि से जुड़ी रियायतें, तथा स्टांप ड्यूटी और बाह्य विकास शुल्क में छूट जैसे कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इन प्रोत्साहनों का लक्ष्य राज्य में डेटा सेंटर निवेश को बढ़ावा देना और इसे देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब में से एक बनाना है।

जयपुर बनेगा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का केंद्र

सरकार का अगला प्रमुख फोकस ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पर है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी और अपेक्षाकृत कम परिचालन लागत के कारण। जयपुर को जीसीसी हब के रूप में विकसित करने की व्यापक तैयारी चल रही है। राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2025 के तहत, वर्ष 2030 तक प्रदेश में 200 से अधिक जीसीसी स्थापित करने और लगभग डेढ़ लाख रोजगार सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। जयपुर के अलावा, उदयपुर और जोधपुर जैसे शहरों को भी जीसीसी हब के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह पहल राजस्थान को वैश्विक व्यापार और प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

एवीजीसी के साथ रचनात्मक उद्योग का पोषण

आईटी सेक्टर के साथ-साथ, भजनलाल सरकार ने रचनात्मक उद्योग पर भी बड़ा दांव लगाया है। राजस्थान एवीजीसी नीति 2024 के माध्यम से एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एआर/वीआर) से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की योजना है। इस नीति के तहत, राज्य में बनने वाली एनिमेशन फिल्मों, गेम्स और कॉमिक्स को उत्पादन अनुदान दिया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और इसके अतिरिक्त, स्थानीय संस्कृति पर आधारित कंटेंट को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राजस्थान की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा सकेगा। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सेलेरेटर भी स्थापित किए। जाएंगे, जो युवा उद्यमियों को अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने में मदद करेंगे।

स्मार्ट गवर्नेंस के लिए एआई और मशीन लर्निंग

ई-गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी 2026 को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस नीति का प्राथमिक लक्ष्य सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाना है, जिससे आम जनता को बेहतर और कुशल सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही, एआई के नैतिक और सुरक्षित उपयोग, डेटा सुरक्षा और एआई से जुड़े साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, जो डिजिटल युग में सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रावधान भी इसी नीति का एक अभिन्न हिस्सा है, जो एआई अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने में आईस्टार्ट राजस्थान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आईस्टार्ट राजस्थान के तहत अब तक 7 हजार 200 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है और 42 हजार 500 से ज्यादा रोजगार सृजित हुए हैं और यह आंकड़ा राज्य में उद्यमिता की बढ़ती भावना और नवाचार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 को सरकार इन सफल प्रयासों के प्रदर्शन और नए निवेश आकर्षित करने के एक बड़े मंच के तौर पर देख रही है, जिससे राजस्थान की डिजिटल यात्रा को और गति मिलेगी और यह देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में से एक बन सकेगा।

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