दिल्ली के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक, सराय काले खां बस अड्डे के कायाकल्प की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTIDC) इस क्षेत्र को एक अत्याधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 31 एकड़ से अधिक के विशाल क्षेत्र में फैली होगी। इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना और क्षेत्र में होने वाली भारी ट्रैफिक भीड़भाड़ को कम करना है।
सराय काले खां वर्तमान में दिल्ली के प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक है, जहां अंतरराज्यीय बसें, रेलवे, मेट्रो और हाल ही में शुरू हुई नमो भारत (RRTS) ट्रेनें मिलती हैं। वर्तमान बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव को देखते हुए, सरकार ने इसे एक एकीकृत हब में बदलने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया जुलाई 2024 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि निर्माण कार्य को दिसंबर 2030 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दो मंजिला बस टर्मिनल और विशाल पार्किंग क्षमता
पुनर्विकास योजना के तहत सराय काले खां में एक आधुनिक दो मंजिला बस टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। आधिकारिक ब्लूप्रिंट के अनुसार, टर्मिनल के ग्राउंड फ्लोर पर 78 बसों के खड़े होने की जगह होगी, जबकि अपर ग्राउंड फ्लोर पर 77 बसों के लिए पार्किंग स्लॉट आरक्षित किए जाएंगे। यह व्यवस्था बसों के आवागमन को सुव्यवस्थित करेगी और यात्रियों के लिए बोर्डिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगी। इसके अतिरिक्त, निजी वाहनों के लिए एक विशाल कॉनकोर्स एरिया विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग 1500 कारों की पार्किंग की क्षमता होगी। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी जो अपने वाहन पार्क कर सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहते हैं।
रिहायशी और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे का विकास
यह परियोजना केवल एक परिवहन केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यापक शहरी विकास के तत्व भी शामिल हैं। 31 एकड़ के इस परिसर में रिहायशी फ्लैटों और सरकारी आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, बड़े पैमाने पर कमर्शियल स्पेस यानी वाणिज्यिक क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाणिज्यिक क्षेत्रों में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कार्यालय और रेस्टोरेंट शामिल होंगे, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी बल्कि राजस्व के नए स्रोत भी उत्पन्न होंगे और यह एकीकृत मॉडल सराय काले खां को एक जीवंत शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और निर्बाध एकीकरण
इस हब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कनेक्टिविटी होगी। इसे इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि यात्री बिना किसी परेशानी के एक परिवहन साधन से दूसरे साधन में जा सकें। यह हब सीधे तौर पर हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन और सराय काले खां-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर (नमो भारत) से जुड़ा होगा। पैदल चलने वालों के लिए स्काईवॉक और सबवे का जाल बिछाया जाएगा ताकि सड़क पार करने की आवश्यकता न पड़े। यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना बोर्ड और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को भी इस डिजाइन का हिस्सा बनाया गया है।
परियोजना की समयसीमा और अस्थायी परिचालन व्यवस्था
DTIDC ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए एक सख्त समयसीमा तय की है। जुलाई में टेंडर जारी होने के बाद, निर्माण कार्य को चरणों में विभाजित किया जाएगा। निर्माण अवधि के दौरान यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बस अड्डे को अस्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2030 तक परियोजना के पूर्ण होने पर यह दिल्ली का सबसे बड़ा और आधुनिक परिवहन केंद्र होगा। निर्माण के दौरान पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए धूल नियंत्रण और हरित क्षेत्र के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।