अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान फायरिंग के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। फायरिंग करने वाले शख्स, कैलिफोर्निया के 31 वर्षीय कोल टोमास एलन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश का मुकदमा चलेगा। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी इस हमले की योजना कई हफ्तों से बना रहा था। शनिवार शाम जब डिनर शुरू ही हुआ था, तभी कैलिफोर्निया के टॉरेंस का रहने वाले एलन ने सुरक्षा घेरा तोड़कर बॉलरूम की ओर दौड़ने की कोशिश की। इस दौरान सीक्रेट सर्विस एजेंटों और एलन के बीच गोलीबारी हुई।
हमले के दौरान सुरक्षा और बरामदगी
इस हमले के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंच पर मौजूद थे और अफरा-तफरी के बीच सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला। गोलीबारी के बीच कई मेहमानों को अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिपना पड़ा। सुरक्षा बलों ने एलन को मौके पर ही पकड़ लिया। 38 कैलिबर पिस्तौल बरामद की गई है। हमले के दौरान पकड़े जाने के बाद से एलन ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
हमले की पूर्व नियोजित साजिश और ईमेल का खुलासा
एफबीआई की ओर से दाखिल हलफनामे के मुताबिक यह हमला अचानक नहीं किया गया था। एलन ने 6 अप्रैल को ही उस होटल में कमरा बुक कर लिया था जहां यह कार्यक्रम होना था। एलन पिछले हफ्ते कैलिफोर्निया से ट्रेन के जरिए वाशिंगटन पहुंचा और कार्यक्रम से एक दिन पहले होटल में चेक-इन किया और हमले से ठीक पहले उसने अपने परिवार और पूर्व एंप्लायर को ईमेल भेजे थे, जिसमें उसने खुद को 'फ्रेंडली फेडरल असैसिन' बताया और ट्रंप प्रशासन की नीतियों के प्रति नाराजगी जताई। उसने अपने परिवार से माफी मांगते हुए इस हमले को एक विदाई संदेश के रूप में पेश किया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि आरोपी एक उच्च शिक्षित प्रोफेशनल है। उसने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और 2025 में कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थानों को डराने के लिए हिंसा का सहारा लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एलन पर हत्या के प्रयास के अलावा हथियारों के अवैध इस्तेमाल के मामले भी दर्ज किए गए हैं। अगर वह दोषी पाया जाता है तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। फिलहाल कोर्ट ने उसे बिना जमानत जेल भेज दिया है और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को निर्धारित की गई है।