होर्मुज स्ट्रेट में जारी भारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों के बीच एक बड़ी और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी माने जाने वाले अरबपति एलेक्सी मोरदाशोव से जुड़ी एक लग्जरी यॉट 'नॉर्ड' इस प्रतिबंधित और संवेदनशील रास्ते से सुरक्षित गुजर गई है। करीब 142 मीटर लंबी इस सुपरयॉट की कीमत 500 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4,710 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही काफी कम है, ऐसे में इस यॉट का यहां से गुजरना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
यॉट की यात्रा का विवरण और क्षेत्रीय स्थिति
शिपिंग डेटा के अनुसार, यह लग्जरी यॉट शुक्रवार को दुबई से रवाना हुई थी। इसके बाद शनिवार को इसने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया और रविवार सुबह ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गई। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में यह उन गिनी-चुनी निजी जहाजों में शामिल है, जो हाल के महीनों में इस चुनौतीपूर्ण रास्ते को पार करने में सफल रहे हैं। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और टकराव के कारण होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य जहाजों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है और ट्रैफिक काफी कम हो गया है।
एलेक्सी मोरदाशोव और यॉट की विशेषताएं
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, एलेक्सी मोरदाशोव सीधे तौर पर इस यॉट के मालिक नहीं हैं, बल्कि यह उनकी पत्नी की कंपनी से जुड़ी हुई है। यात्रा के दौरान मोरदाशोव खुद यॉट पर मौजूद थे या नहीं, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ ने मोरदाशोव सहित कई रूसी व्यवसायियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। 'नॉर्ड' दुनिया की सबसे बड़ी और महंगी यॉट में से एक मानी जाती है, जो अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है।
रूस-ईरान संबंध और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब रूस और ईरान के बीच कूटनीतिक और सामरिक रिश्ते और अधिक मजबूत हो रहे हैं और वर्ष 2025 के लिए दोनों देशों के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ था। इसी बीच सोमवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची रूस के दौरे पर पहुंचे थे और उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से विस्तृत बातचीत की। दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए उसकी समुद्री गतिविधियों पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, एक अमेरिकी युद्धपोत ने हाल ही में एक तेल टैंकर को ईरान के पोर्ट पर जाने से रोक दिया था। एक तरफ जहां आम जहाजों और तेल टैंकरों पर कड़ी निगरानी और रोक है, वहीं दूसरी तरफ इतनी महंगी निजी यॉट का आसानी से गुजर जाना कई सवाल खड़े करता है।