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ईरान पर ट्रंप का बड़ा फैसला: होर्मुज से हटेगी नाकाबंदी, परमाणु हथियार पर सख्त शर्त

ईरान पर ट्रंप का बड़ा फैसला: होर्मुज से हटेगी नाकाबंदी, परमाणु हथियार पर सख्त शर्त
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा ऐलान किया है और ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान पर अंतिम फैसला लेने की प्रक्रिया में हैं और इसके लिए वह सिचुएशन रूम में महत्वपूर्ण बैठकें कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अपनी नाकाबंदी हटा लेगा, लेकिन इसके बदले में ईरान को एक बेहद सख्त शर्त माननी होगी। ट्रंप के अनुसार, ईरान को यह लिखित रूप में स्वीकार करना होगा कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखेगा और यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और ट्रंप इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक निर्णायक समझौते की ओर बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों की सीजफायर के लिए एक समझौता प्रस्तावित था, लेकिन उस पर अब तक ईरान और ट्रंप की आधिकारिक मुहर नहीं लगी थी।

होर्मुज की नाकाबंदी और ट्रंप की शर्तें

डोनाल्ड ट्रंप ने उन सभी शर्तों की एक विस्तृत सूची तैयार की है जिन्हें ईरान को युद्ध समाप्त करने के लिए मानना होगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के माध्यम से मांग की कि ईरान को परमाणु हथियार न रखने की बात पर अपनी सहमति देनी ही होगी और इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी देरी के तुरंत खोलना होगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस समुद्री मार्ग से शिपिंग ट्रैफिक बिना किसी रोक-टोक के चलना चाहिए और इसके लिए किसी भी प्रकार का टोल या शुल्क नहीं लिया जाएगा और उन्होंने यह भी कहा कि समुद्र में बिछाई गई सभी वॉटर माइंस (बम), यदि कोई बची हैं, तो उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने अपने बड़े अंडरवाटर माइन स्वीपर्स के जरिए पहले ही कई माइंस को हटा दिया है और अब ईरान को बची हुई माइंस को हटाने का काम पूरा करना होगा।

परमाणु सामग्री और B2 बॉम्बर का जिक्र

ट्रंप ने अपने बयान में एनरिच्ड मटीरियल (संवर्धित सामग्री) का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने "न्यूक्लियर डस्ट" कहा। उन्होंने बताया कि यह सामग्री 11 महीने पहले अमेरिका द्वारा किए गए शक्तिशाली B2 बॉम्बर हमले के कारण जमीन के नीचे दबे पहाड़ों के मलबे में दबी हुई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ मिलकर इस सामग्री को निकालेगा और इसे नष्ट करेगा। ट्रंप ने उन जहाजों के चालक दल और उनके परिवारों को भी संदेश दिया जो नाकाबंदी के कारण फंसे हुए थे। उन्होंने कहा कि अब ये जहाज घर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

ईरान की प्रतिक्रिया: मिसाइल और कार्रवाई पर जोर

दूसरी ओर, ईरान की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के पार्लियामेंट्री स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि वे बातचीत से नहीं, बल्कि मिसाइलों से रियायतें हासिल करते हैं और गालिबफ ने लिखा कि उन्हें किसी गारंटी या बातों पर भरोसा नहीं है और उनके लिए केवल एक्शन (कार्रवाई) ही पैमाना है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समझौते का असली विजेता वही होता है जो अगले दिन से युद्ध के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहता है। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के अपने समकक्ष से बात की और किसी भी खतरे के खिलाफ ओमान के साथ एकजुटता व्यक्त की। ईरान का यह रुख दिखाता है कि वह बातचीत के साथ-साथ अपनी सैन्य शक्ति और क्षेत्रीय कूटनीति पर भी पूरा ध्यान दे रहा है।

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