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'उम्मीदवार चुनना मेरी गलती थी', बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने भांडुप में मांगी माफी

'उम्मीदवार चुनना मेरी गलती थी', बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने भांडुप में मांगी माफी
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पिछले चार वर्षों के दौरान शिवसेना में दूसरी बार हुई बड़ी फूट के बीच, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को उत्तर पूर्वी मुंबई लोकसभा क्षेत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने शाम के समय भांडुप में पुराने शिवसैनिकों और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी सभा की। उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया, बल्कि एक भावुक अपील करते हुए जनता से माफी भी मांगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि जहां भी पार्टी के साथ विश्वासघात हुआ है, वह उसके लिए जनता और अपने समर्पित कार्यकर्ताओं से क्षमा मांग रहे हैं।

भांडुप में उद्धव ठाकरे की भावुक माफी और स्वीकारोक्ति

भांडुप की इस सभा में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने उन उम्मीदवारों के चयन की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली, जिन्होंने बाद में पार्टी से बगावत कर दी थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपको सिर्फ शिवसैनिक नहीं मानता, बल्कि आप मेरे लिए प्रज्वलित मशालें हैं। ठाकरे ने भावुक होकर कहा, "आपने मेरे आदेश का पूरी निष्ठा से पालन किया, उम्मीदवार और मशाल चुनाव चिह्न को देखकर अपना खून-पसीना बहाया और उन्हें विजयी बनाया। लेकिन उस उम्मीदवार का चयन मैंने किया था, इसलिए वह गलती मेरी है। " उन्होंने आगे यह भी कहा कि वह उन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में जाएंगे जहां विश्वासघात हुआ है और वहां के मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेंगे जिन्होंने उनके कहने पर वोट दिया था।

गद्दारों और उनके संरक्षकों पर तीखा प्रहार

उद्धव ठाकरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में उन गद्दारों और उनके पीछे खड़ी ताकतों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों की हरकतों की वजह से ही सच्चे शिवसैनिकों के भीतर की मशाल फिर से प्रज्वलित हो गई है और उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह अपना वादा पूरा करेंगे और विश्वासघात वाली जगहों से ही अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत करेंगे। ठाकरे ने कहा कि विश्वासघात करने वालों ने अनजाने में पार्टी को और अधिक वैचारिक मजबूती प्रदान की है क्योंकि अब केवल वही लोग साथ बचे हैं जो वास्तव में वफादार हैं।

भाजपा पर गंभीर आरोप और तीखा हमला

अपने संबोधन के दौरान उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा और तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना को पिछले कई वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से तोड़ने और कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप इस पूरी दमनकारी प्रक्रिया के गवाह रहे हैं। ठाकरे ने भाजपा को एक ऐसी पार्टी करार दिया जो "दूसरों के बच्चों की परवरिश" से फली-फूली है, जिसका सीधा इशारा अन्य दलों से तोड़कर लाए गए नेताओं की ओर था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जो लोग आज भाजपा के साथ सत्ता का आनंद ले रहे हैं, वे कभी उसे "जमानत जब्त होने वाली पार्टी" और "किराया वसूलने वाली पार्टी" कहकर पुकारते थे।

कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली की तुलना

उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और भाजपा के बीच तुलना करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारी दशकों पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है और उस दुश्मनी के कारण कई नेताओं के राजनीतिक करियर भी खत्म हो गए, लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को जड़ से खत्म करने या उसे पूरी तरह तोड़ने की कोशिश नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विनाशकारी काम केवल भाजपा ने किया है और यह महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा का एक बड़ा गुनाह है। ठाकरे ने कहा कि भाजपा की नीति केवल दूसरों के घरों को उजाड़ने की है, जबकि शिवसेना का जन्म मराठी मानुस के अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ था।

बाहरी व्यक्ति के बयान पर उद्धव का पलटवार

सोलापुर में एक "बाहरी व्यक्ति" द्वारा दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने कहा कि वह व्यक्ति शिवसेना के गौरवशाली इतिहास और उसकी आत्मा से पूरी तरह अनजान है। उन्होंने कहा कि कोई बाहरी व्यक्ति यह तय करने का अधिकार नहीं रखता कि शिवसेना का असली मुखिया कौन होगा। ठाकरे ने जोर देकर कहा कि शिवसेना केवल एक ही है और वह वंदनीय बालासाहेब ठाकरे की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई भी "सोम्या गोम्या" अपनी पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है, लेकिन शिवसेना का नेतृत्व केवल वही कर सकता है जिसे शिवसैनिकों का अटूट विश्वास प्राप्त हो। उन्होंने भाजपा की नींव पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे दूसरों के सांसदों को तोड़कर अपनी इमारत खड़ी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह देखना चाहिए कि उनकी अपनी नींव में कोई जड़ बची भी है या नहीं। ठाकरे ने अंत में कहा कि उन्हें किसी सरकारी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उन्हें जनता का समर्थन और माता जगदंबे का आशीर्वाद प्राप्त है।

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