लाल किला हमले के पीछे अल-कायदा का हाथ, UN रिपोर्ट और NIA चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

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लाल किला हमले के पीछे अल-कायदा का हाथ, UN रिपोर्ट और NIA चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे
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संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक ताजा रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है, जिसमें पिछले साल नवंबर में दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के लिए अल-कायदा को जिम्मेदार ठहराया गया है। यूएन की इस रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के पीछे 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS) का हाथ था। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय जांच एजेंसियां पहले से ही इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दावे ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

AQIS का बदलता स्वरूप और क्षेत्रीय नेटवर्क

यूएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि 'अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (AQIS), जो वर्तमान में सूची में शामिल नहीं है, एक बिखरे हुए समूह से बदलकर अब एक क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन के रूप में मजबूती से खड़ा हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संगठन ने बहुत ही कम समय में अपने लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क को स्थापित करने में सफलता हासिल की है। संगठन ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बड़े समूहों के बजाय विकेंद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है और अब यह छोटे और बिखरे हुए सेल्स यानी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। इसके अलावा, रिपोर्ट में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि AQIS अब बांग्लादेश में भी अपने सेल्स बनाने की कोशिशों में जुटा हुआ है ताकि दक्षिण एशिया में अपना प्रभाव बढ़ा सके।

NIA की 7,500 पेज की चार्जशीट और जांच के तथ्य

दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है। 14 मई को NIA ने इस मामले में 7,500 पेज की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली में हुए भीषण IED कार धमाके के संबंध में दायर की गई थी। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि आरोपियों ने IED बनाने और उसे इस्तेमाल करने के लिए बहुत ही बारीकी से 'लैबोरेटरी-ग्रेड' का तरीका अपनाया था। चार्जशीट में नामजद आरोपियों में से एक 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (AGuH) के अंतरिम आतंकी मॉड्यूल का 'इन-हाउस इंजीनियर' पाया गया है, और यह मॉड्यूल सीधे तौर पर AQIS से जुड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने AQIS और उसकी सभी शाखाओं को पहले ही आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

टेरर इंजीनियरिंग में AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल

NIA की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आतंकियों ने 'टेरर इंजीनियरिंग' के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किया। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी जासिर बिलाल वानी ने YouTube और ChatGPT का उपयोग यह सीखने के लिए किया कि 'रॉकेट कैसे बनाया जाए और उसमें विस्फोटक मिश्रण का अनुपात कितना होना चाहिए' और आरोपियों ने रॉकेट इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) तैयार किए थे। इतना ही नहीं, इन घातक हथियारों का परीक्षण जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड जंगल में भी किया गया था। यह मामला दिखाता है कि कैसे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है।

हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी और डॉक्टरों की भूमिका

इस मामले की जांच के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी सामने आया है। चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य आरोपी जासिर बिलाल वानी ने इस साजिश को तकनीकी मदद देने के उद्देश्य से 2024-25 के दौरान 2 से 3 बार यूनिवर्सिटी कैंपस का दौरा किया और वहां कुछ समय बिताया। जांच में यह भी पता चला कि यूनिवर्सिटी में काम करने वाले 3 डॉक्टर भी कथित तौर पर इस धमाके की साजिश में शामिल थे। डॉक्टर अदील अहमद राथर ने ही डॉ. उमर-उन-नबी की मुलाकात जासिर से करवाई थी। डॉ. उमर-उन-नबी इस मामले का एक और मुख्य आरोपी है, जिसने विस्फोटक से भरी कार चलाई थी। इस भीषण धमाके में 11 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति और साजिश का जाल

NIA की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि अदील ने जासिर को IED बनाने के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे NPK फर्टिलाइजर के रूप में पोटेशियम नाइट्रेट और पिसी हुई चीनी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं, डॉ और उमर पर आरोप है कि उन्होंने इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट IED पर गहन शोध किया और इस संबंध में मॉड्यूल को महत्वपूर्ण जानकारी दी। जासिर ने डॉ. उमर, डॉ. मुजम्मिल शकील और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर रॉकेट IED तैयार किए और काजीगुंड के जंगलों में उनका परीक्षण किया। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों को तकनीक और पेशेवर लोगों के आतंकी संगठनों के साथ जुड़ाव को लेकर सतर्क कर दिया है।

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