अमेरिका के शिकागो में एक दिल दहला देने वाली साजिश का खुलासा हुआ है, जहां नवरात्रि के पावन अवसर पर एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की गई। 11 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के पहले दिन, जब ऑरोरा इलाके का मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा हुआ था, तब एक 19 वर्षीय युवक वहां नरसंहार के इरादे से पहुंचा। पैलेटाइन के रहने वाले इस युवक की पहचान एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस के रूप में हुई है और वह अपने साथ एक मॉडिफाइड AR-स्टाइल राइफल और 300 राउंड गोलियां लेकर आया था, जिनसे 10 मैगजीन भरी जा सकती थीं। गनीमत यह रही कि जब उसने ट्रिगर दबाया, तो राइफल जाम हो गई और एक बड़ी त्रासदी टल गई।
हमले की साजिश और तकनीकी विफलता
एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस, जो एक टाको बेल रेस्तरां में कैशियर के रूप में काम करता है, पूरी तैयारी के साथ मंदिर पहुंचा था। पुलिस के अनुसार, वह पैलेटाइन में अपनी मां के घर से गाड़ी चलाकर ऑरोरा के इस विशाल हिंदू मंदिर तक आया था। उसके पास न केवल भारी मात्रा में गोला-बारूद था, बल्कि वह बॉडी आर्मर और गैसोलीन के कैन से भी लैस था। राइफल जाम होने के बाद वह घबराकर वापस अपने घर लौट गया। वहां उसने इंटरनेट पर राइफल ठीक करने के तरीके खोजे और अपने एक सहकर्मी को फोन करके अपनी इस खौफनाक योजना के बारे में बताया, जिसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हुईं।
नफरती मेनिफेस्टो और चरमपंथी सोच
: (Aurora shooters manifesto) था। इस मेनिफेस्टो में अश्वेतों और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, विशेषकर भारतीयों के प्रति गहरी नफरत और चरमपंथी विचार लिखे गए थे। इसमें स्पष्ट रूप से भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा करने की बात कही गई थी। इस दस्तावेज ने यह साबित कर दिया कि यह केवल एक हमला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी नफरती साजिश थी, जिसका उद्देश्य धार्मिक उत्सव के दौरान निर्दोष लोगों की जान लेना था।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और पुलिस की प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। फाउंडेशन ने हिंदू समुदाय से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह किया है। पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि इस खतरे की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता और उन्होंने बताया कि पैलेटाइन और माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभागों के बीच सूचनाओं के तत्काल आदान-प्रदान की वजह से ही संदिग्ध को समय रहते हिरासत में लिया जा सका। पूजा स्थलों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
FBI की भागीदारी और आगे की जांच
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए FBI शिकागो की टीम भी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। FBI के विशेष एजेंट रयान व्हेलन ने कहा कि एजेंसी कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रेरित हिंसा के किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल पैपोराकिस पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से जुड़ा अब जनता के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन जांच के आधार पर संदिग्ध पर अतिरिक्त कानूनी धाराएं लगाई जा सकती हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।