दस हजार रुपये मासिक निवेश पर पोस्ट ऑफिस आरडी और पीपीएफ में कहां मिलेगा मुनाफा

हर महीने 10000 रुपये का निवेश करके 15 साल में बड़ा फंड बनाने के लिए पोस्ट ऑफिस आरडी और पीपीएफ दो मुख्य विकल्प हैं। जानिए किस योजना में अधिक मुनाफा मिल सकता है।

अगर आप हर महीने 10000 रुपये बचाकर लंबे समय में एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो भारतीय डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट यानी आरडी और पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। ये दोनों ही भारत सरकार की बेहद लोकप्रिय और सुरक्षित छोटी बचत योजनाएं हैं। हालांकि, इन दोनों ही योजनाओं की ब्याज दरें, निवेश करने की समय सीमा और टैक्स से जुड़े नियम एक-दूसरे से काफी अलग हैं। 1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है।

ब्याज गणना का तरीका और अंतर

पोस्ट ऑफिस आरडी योजना में मिलने वाला ब्याज हर तीन महीने में कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है, जबकि पीपीएफ में सालाना कंपाउंडिंग के आधार पर ब्याज की गणना की जाती है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल स्वाभाविक रूप से आता है कि यदि उन्हें हर महीने नियमित निवेश करना हो, तो कौन सी योजना उनके लिए सबसे बड़ा फायदे का सौदा साबित होगी। आइए इसका पूरा गणित समझते हैं। मान लीजिए कि आप इन दोनों ही योजनाओं में हर महीने 10000 रुपये की निश्चित राशि जमा करते हैं। इस तरह आप एक साल में कुल 1 लाख 20 हजार रुपये और पूरे 15 साल की अवधि में कुल 18 लाख रुपये का निवेश करते हैं।

दिए गए अनुमान के मुताबिक, यदि ब्याज दरें पूरे समय तक एक जैसी ही बनी रहती हैं, तो दोनों योजनाओं में मिलने वाली कुल रकम में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। पोस्ट ऑफिस आरडी के तहत 15 साल के लक्ष्य में आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये होगा, जिस पर अनुमानित कुल फंड 24 लाख 22 हजार रुपये बन सकता है और अनुमानित ब्याज से कमाई 6 लाख 22 हजार रुपये होगी। वहीं दूसरी ओर, पीपीएफ के तहत 15 साल की अवधि में आपका कुल निवेश भी 18 लाख रुपये ही रहेगा, लेकिन अनुमानित कुल फंड बढ़कर 32 लाख 55 हजार रुपये हो जाएगा और अनुमानित ब्याज से कमाई 14 लाख 55 हजार रुपये तक पहुंच जाएगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी आंकड़े केवल अनुमानित हैं और इन्हें किसी भी तरह की गारंटीड मैच्योरिटी राशि नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक रिटर्न हमेशा भविष्य की ब्याज दरों, रकम जमा करने के समय और आरडी की मैच्योरिटी के बाद दोबारा निवेश की शर्तों पर पूरी तरह निर्भर करेगा।

पीपीएफ और आरडी की तुलनात्मक विशेषताएं

इस वित्तीय तुलना से यह साफ पता चलता है कि पीपीएफ के जरिए लगभग 32 लाख 55 हजार रुपये का बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है, जबकि आरडी में लगभग 24 लाख 22 हजार रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब यह है कि समान मासिक निवेश करने के बावजूद पीपीएफ योजना में लगभग 8 लाख 32 हजार रुपये अधिक फंड बन सकता है। हालांकि, यह वित्तीय अंतर पूरी तरह तय नहीं है क्योंकि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें समय-समय पर सरकार द्वारा बदलती रहती हैं। इसलिए आज के समय में मिलने वाली ब्याज दर को आने वाले अगले 15 साल के लिए पूरी तरह पक्का नहीं माना जा सकता है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड में निवेश करने के मुख्य फायदे

पीपीएफ उन सभी निवेशकों के लिए एक बेहद उपयोगी और सुरक्षित विकल्प हो सकता है जो अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग, बच्चों की उच्च शिक्षा या भविष्य के दूसरे बड़े खर्चों के लिए एक लंबी अवधि में पैसा जमा करना चाहते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसके नियमों के तहत मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी रकम पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है। इसके अलावा, पुराने टैक्स सिस्टम के तहत पात्र निवेश पर आयकर कानून की धारा 80सी के अंतर्गत टैक्स छूट का लाभ भी उठाया जा सकता है। पीपीएफ खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये जमा किए जा सकते हैं। ऐसे में अगर आप हर महीने 10000 रुपये जमा करते हैं, तो आपका सालाना निवेश 1 लाख 20 हजार रुपये होगा, जो तय की गई अधिकतम सीमा के पूरी तरह भीतर है। हालांकि, पीपीएफ में पैसा बहुत लंबे समय यानी 15 साल के लिए लॉक रहता है, इसलिए निवेश करने से पहले निकासी और समय से पहले पैसा निकालने से जुड़े नियमों को अच्छी तरह समझ लेना आवश्यक है।

पोस्ट ऑफिस आरडी किसके लिए है बेहतर

दूसरी तरफ, पोस्ट ऑफिस आरडी उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी हो सकती है जो हर महीने एक तय छोटी रकम जमा करके अपने अंदर बचत करने की अच्छी आदत विकसित करना चाहते हैं। इस योजना में शुरुआत में 5 साल के लिए निवेश किया जाता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक इसे आगे 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। लेकिन अगर आपका मुख्य लक्ष्य 15 साल की अवधि में एक बड़ा फंड तैयार करना है, तो आरडी का समय और मैच्योरिटी के बाद मिलने वाली रकम को दोबारा से निवेश करने की योजना आपको पहले से ही तैयार करनी होगी। दोबारा निवेश करने पर मिलने वाला ब्याज उस समय लागू होने वाली दरों और योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा। आरडी चुनने से पहले मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले टैक्स, पैसे निकालने के नियमों और मैच्योरिटी के बाद के निवेश विकल्पों की भी तुलना करना समझदारी होगी।

आपके लिए कौन सी योजना चुनना है सही

संक्षेप में कहें तो अगर आप एक लंबी अवधि के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं और साथ ही टैक्स से जुड़े बड़े फायदे भी पाना चाहते हैं, तो पीपीएफ आपके लिए एक बहुत ही शानदार विकल्प हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप नियमित रूप से मासिक बचत करना चाहते हैं और शुरुआती तौर पर 5 साल की अवधि चुनना चाहते हैं, तो आप पोस्ट ऑफिस आरडी पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी तरह का वित्तीय निवेश करने से पहले आप अपनी व्यक्तिगत जरूरत, पैसे की उपलब्धता, अपनी टैक्स की स्थिति और निवेश की अवधि को अच्छी तरह ध्यान में रखें। केवल वर्तमान समय की ब्याज दरों को देखकर ही कोई अंतिम फैसला न लें, क्योंकि भविष्य में ब्याज दरें बदल सकती हैं।