आदित्य धर ने की शाश्वत सचदेव की तारीफ, 11 दिन में बने 14 गाने

फिल्म निर्देशक आदित्य धर ने संगीतकार शाश्वत सचदेव के असाधारण कार्य की सराहना की है। उन्होंने खुलासा किया कि फिल्म 'धुरंधर 2' के लिए शाश्वत ने मात्र 11 दिनों में 14 गाने तैयार किए, जबकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ₹1600 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है।

फिल्म निर्देशक आदित्य धर ने अपनी हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' (धुरंधर 2) की संगीत निर्माण प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विस्तृत पोस्ट में, धर ने संगीतकार शाश्वत सचदेव के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके कार्य की गति और गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। फिल्म 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर ₹1600 करोड़ से अधिक की कमाई कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस सफलता में फिल्म के संगीत और बैकग्राउंड स्कोर की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है, जिसे शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है।

धुरंधर 2 की संगीत यात्रा और समय सीमा

निर्देशक आदित्य धर के अनुसार, शाश्वत सचदेव ने 'धुरंधर 2' के लिए संगीत तैयार करने में अविश्वसनीय गति का प्रदर्शन किया। धर ने बताया कि शाश्वत ने मात्र 11 दिनों की संक्षिप्त अवधि में फिल्म के लिए 14 गाने कंपोज किए। इसके अतिरिक्त, फिल्म का पूरा बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) केवल 3 दिनों में पूरा किया गया। यह पहली बार नहीं है जब इस जोड़ी ने इतनी तेजी से काम किया है; धर ने याद दिलाया कि 'धुरंधर' के पहले भाग के लिए भी 9 दिनों में 9 गाने और 6 दिनों में बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार किया गया था। निर्देशक ने इस उपलब्धि को वैश्विक सिनेमा के संदर्भ में दुर्लभ और असाधारण बताया है।

घर बना संगीत का जीवंत स्टूडियो

संगीत निर्माण के दौरान के माहौल का वर्णन करते हुए आदित्य धर ने बताया कि लगभग 15 दिनों के लिए उनका निजी आवास एक पूर्णकालिक संगीत स्टूडियो में तब्दील हो गया था। उन्होंने विवरण साझा किया कि घर के हर कोने का उपयोग रचनात्मक कार्यों के लिए किया जा रहा था। लिविंग रूम में संगीत की धुनें तैयार की जा रही थीं, बेडरूम को रिकॉर्डिंग रूम के रूप में इस्तेमाल किया गया और बालकनियों में गीतों के बोल लिखे गए। इस दौरान गायकों और संगीतकारों का निरंतर आवागमन बना रहा। धर के अनुसार, टीम ने प्रतिदिन 21-22 घंटे लगातार काम किया, जहां दिन और रात का अंतर समाप्त हो गया था।

वैश्विक चार्ट पर गानों की सफलता

आदित्य धर ने इस बात पर जोर दिया कि केवल गति ही नहीं, बल्कि संगीत की गुणवत्ता ने भी वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाला है। उन्होंने बताया कि 3 महीनों के भीतर रिलीज हुए दोनों फिल्मों के एल्बम ग्लोबल चार्ट्स में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं। लगभग हर गाने को दर्शकों और आलोचकों द्वारा सराहा गया है। निर्देशक ने इसे एक ऐसी घटना बताया जो फिल्म जगत में बहुत कम देखने को मिलती है, जहां इतने कम समय में तैयार किया गया संगीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करता है।

इरशाद कामिल और टीम का योगदान

अपने पोस्ट में आदित्य धर ने दिग्गज गीतकार इरशाद कामिल के योगदान की भी विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि इरशाद कामिल की उपस्थिति और उनके द्वारा लिखे गए शब्दों ने संगीत को एक नई गहराई प्रदान की। धर ने पूरी टीम के जोश और समर्पण का उल्लेख किया, जिन्होंने फिल्म के विजन को पर्दे पर उतारने के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। उन्होंने शाश्वत की साथी 'मैजिक' का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उस उथल-पुथल भरे समय में पूरी टीम की ऊर्जा को बनाए रखने और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शाश्वत सचदेव का समर्पण और स्वास्थ्य चुनौतियां

निर्देशक ने शाश्वत सचदेव की कार्यशैली और उनके लचीलेपन की प्रशंसा करते हुए बताया कि संगीत निर्माण के दौरान शाश्वत कई बार अस्वस्थ भी हुए। कम नींद और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद, शाश्वत ने काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया। धर ने उन्हें एक छोटे भाई की तरह संबोधित करते हुए कहा कि शाश्वत की लगन और कभी संतुष्ट न होने वाला जज्बा ही उन्हें खास बनाता है। उन्होंने कहा कि शाश्वत आसान रास्तों के बजाय हर सुर में सच्चाई की तलाश करते हैं, जो उनके संगीत के प्रति प्रेम और ईश्वर के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता है।