पान मसाला विज्ञापन: अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने दिया FDA को जवाब

महाराष्ट्र एफडीए द्वारा विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए सरोगेट विज्ञापन के मामले में जारी नोटिस पर अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। विभाग अब शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है, जबकि प्राप्त जवाबों की जांच की जा रही है।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) वर्तमान में विमल इलायची से जुड़े विज्ञापनों के मामले में एक विस्तृत जांच कर रहा है। इस जांच का मुख्य आधार यह आरोप है कि किसी अन्य उत्पाद के नाम या स्वरूप का उपयोग करके एक अलग प्रतिबंधित उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है और इसी मामले के संदर्भ में, एफडीए ने बॉलीवुड के तीन बड़े अभिनेताओं अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और शाहरुख खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इन नोटिसों के माध्यम से अभिनेताओं से विज्ञापन और उससे जुड़े दावों पर उनका स्पष्टीकरण मांगा गया था।

अभिनेताओं के जवाब की वर्तमान स्थिति

एफडीए के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस का औपचारिक जवाब दे दिया है। बताया जा रहा है कि इन दोनों अभिनेताओं के जवाब लगभग दो दिन पहले ही एफडीए को प्राप्त हो चुके हैं। वर्तमान में, प्रशासन इन दोनों जवाबों की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या विज्ञापन नियमों का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, अभिनेता शाहरुख खान की ओर से अभी तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। एफडीए अभी भी उनके जवाब का इंतजार कर रहा है ताकि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

कानूनी नियम और विज्ञापन विनियमन

एफडीए के अनुसार, ये नोटिस एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स रेगुलेशन, 2018 के कथित उल्लंघन को लेकर जारी किए गए थे। इस विनियमन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विज्ञापनों के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुमराह न किया जाए और प्रतिबंधित उत्पादों का अप्रत्यक्ष प्रचार न हो। एफडीए ने तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन की प्रकृति और उसमें किए गए दावों के संबंध में विस्तार से जवाब मांगा था। जांच का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या विमल इलायची का विज्ञापन वास्तव में प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के लिए एक सरोगेट के रूप में कार्य कर रहा है।

महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू से जुड़े सभी उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में साल 2012 से ही इन हानिकारक उत्पादों पर रोक लगाई गई है। उनका कहना है कि जो भी अभिनेता इन उत्पादों के विज्ञापनों में शामिल हैं, उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यह प्रतिबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का हिस्सा है, जिसका पालन सुनिश्चित करना एफडीए की जिम्मेदारी है।

कमिश्नर तुकाराम मुंढे का बयान और कार्यप्रणाली

एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने विभाग की कार्यक्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने एफडीए कमिश्नर का पदभार संभाला है, तब से विभाग के कामकाज में 300 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रगति विभाग के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इसके अतिरिक्त, बॉम्बे हाईकोर्ट की एक पिछली टिप्पणी के संदर्भ में, जिसमें अदालत ने पूछा था कि क्या वह खुद को भगवान समझते हैं, मुंढे ने एक सवाल के जवाब में अपनी स्थिति स्पष्ट की। " यह बयान उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण और नियमों को सख्ती से लागू करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।