आईपीओ मार्केट में आया जबरदस्त तूफान: अगस्त में 10 आईपीओ 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब

भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए अगस्त 2026 का महीना ऐतिहासिक साबित हुआ है, जहां 10 आईपीओ को 100 गुना से अधिक बोलियां मिलीं, जिसमें हाई-टेक इंजीनियर्स 244 पॉइंट 41 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ सबसे आगे रही।

भारतीय शेयर बाजार में अगस्त का महीना प्राइमरी मार्केट के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है, जहां निवेशकों के बीच आरंभिक सार्वजनिक पेशकश यानी आईपीओ को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने के दौरान बाजार में आए 10 अलग-अलग आईपीओ इश्यूज को 100 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन बिड्स हासिल हुई हैं। दलाल स्ट्रीट पर सेकेंडरी मार्केट में जारी हलचल और वैश्विक चिंताओं के बावजूद, रिटेल निवेशकों, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स यानी एचएनआई और योग्य संस्थागत खरीदारों यानी क्यूआईबी की ओर से लिक्विडिटी का ऐसा सैलाब उमड़ा कि अधिकांश कंपनियों के इश्यूज तय कोटे से कई-कई सौ गुना ओवरसब्सक्राइब हो गए। मजबूत कॉर्पोरेट बैलेंस शीट, आकर्षक वैल्यूएशन और प्राइमरी मार्केट से मिलने वाले लिस्टिंग गेन के भरोसे ने इस आईपीओ फीवर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। एसएमई और मेनबोर्ड दोनों सेगमेंट में निवेशकों की मजबूत भागीदारी यह दर्शाती है कि घरेलू पूंजी का प्रवाह अब भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार में सीधे तौर पर इस्तेमाल हो रहा है।

इन कंपनियों पर जमकर बरसा पैसा

बीएसई और एनएसई के डेटा के अनुसार, आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए अगस्त का महीना जबरदस्त रहा है और इस दौरान 23 में से 10 इश्यूज के लिए ऑफर किए गए शेयरों से 100 गुना ज्यादा बोलियां मिलीं, जो 2006 के बाद से किसी एक महीने में सबसे ज्यादा संख्या है। हाई-टेक इंजीनियर्स सबसे आगे रहा, जिसे ऑफर किए गए शेयरों के मुकाबले 244 पॉइंट 41 गुना बोलियां मिलीं। इसके बाद टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया का नंबर रहा जिसे 183 पॉइंट 53 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को 135 पॉइंट 88 गुना बोलियां हासिल हुईं। इस महीने जिन दूसरे आईपीओ को 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया, उनमें आर्डी इंडस्ट्रीज़, ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज, ऑगमॉन्ट एंटरप्राइजेज, बिहारी लाल इंजीनियरिंग, सनशाइन पिक्चर्स, शिपरॉकेट और प्रायोरिटी ज्वेल्स शामिल हैं। सब्सक्रिप्शन का यह जबरदस्त उत्साह पिछले महीनों के रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा था और सितंबर 2024 में सात आईपीओ को 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था, जबकि जनवरी 2025 में ऐसे पांच आईपीओ थे।

क्यों देखने को मिला ऐसा जबरदस्त ट्रेंड

100 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्रिप्शन का यह रिकॉर्ड कई कारणों से बना है। अगस्त में पेश किए गए 10 से अधिक आईपीओ ने 100 गुना से ज्यादा की बोलियां हासिल कर हाल के महीनों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उच्च लिस्टिंग गेन की उम्मीद में रिटेल और एचएनआई कोटे में रिकॉर्ड आवेदन जमा हुए, जिससे कई स्मॉल और मिड-कैप इश्यूज आवंटन से पहले ही ब्लॉकबस्टर साबित हुए। केवल घरेलू रिटेल निवेशक ही नहीं, बल्कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई और म्यूचुअल फंडों ने भी गुणवत्तापूर्ण कंपनियों में आक्रामक बोलियां लगाईं। अगस्त के इस शानदार प्रदर्शन ने सितंबर और उसके बाद आने वाले बड़े मेनबोर्ड आईपीओ के लिए माहौल पूरी तरह से अनुकूल और मजबूत बना दिया है। निवेशकों का यह भरोसा दर्शाता है कि वे भारतीय कंपनियों की विकास गाथा में भागीदार बनने के लिए तैयार हैं।

ऐतिहासिक आंकड़ों में आईपीओ की स्थिति

अगस्त में आई तेजी की वजह से 2026 में अब तक 100 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब होने वाले आईपीओ की संख्या 15 हो गई है, जो पहले ही सालाना आधार पर तीसरी सबसे बड़ी संख्या है। जुलाई में 3 इश्यू ने 100 गुना सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा पार किया, जबकि जून में दो ने ऐसा किया था। जनवरी 2026 में यह उपलब्धि हासिल करने वाला एकमात्र आईपीओ भारत कोकिंग कोल था। सब्सक्रिप्शन के लिए ऐसी जबरदस्त दिलचस्पी पिछली बार 2024 में देखी गई थी, जब लॉन्च किए गए 91 आईपीओ में से 23 को 100 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था। 2021 में, 63 इश्यू में से 17 ने यह आंकड़ा पार किया था, जबकि 2025 में, जो आईपीओ के जरिए फंड जुटाने के मामले में एक रिकॉर्ड साल था, लॉन्च किए गए 103 आईपीओ में से 15 को ऑफर किए गए शेयरों की तुलना में 100 गुना से ज़्यादा बोलियां मिली थीं। यह आंकड़े बताते हैं कि 2026 आईपीओ मार्केट के लिए एक शानदार साल के रूप में स्थापित हो रहा है।