SBI और SBI कैप्स NSE IPO में बेचेंगे 1 प्रतिशत हिस्सेदारी

भारतीय स्टेट बैंक और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 30000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आईपीओ के माध्यम से अपनी 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहे हैं।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने की योजना बनाई है। यह रणनीतिक कदम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के साथ जुड़ा हुआ है जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 30000 करोड़ रुपये है। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस विनिवेश में एक्सचेंज में लगभग 1 प्रतिशत की संयुक्त हिस्सेदारी शामिल होगी। यह निर्णय देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि यह भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज में अपने दीर्घकालिक निवेश का लाभ उठाने की तैयारी कर रहा है।

NSE में हिस्सेदारी बिक्री का विवरण

भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री के संबंध में विशिष्ट विवरण साझा किए हैं। 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 35 प्रतिशत हिस्सा बेचे जाने की संभावना है। ये दोनों इकाइयां मिलकर आईपीओ के ऑफर फॉर सेल घटक में कुल 1 प्रतिशत हिस्सेदारी का योगदान देंगी। हालांकि चेयरमैन सीएस सेट्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अन्य मौजूदा शेयरधारक भी हिस्सेदारी बिक्री में भाग लेने का निर्णय लेते हैं तो एसबीआई समूह द्वारा बेची गई अंतिम हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से थोड़ी कम हो सकती है। इसके अलावा चेयरमैन ने यह भी साफ किया कि निकट भविष्य में बैंक की अन्य सहायक कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की कोई तत्काल योजना नहीं है।

एसबीआई होम लोन पोर्टफोलियो के नए कीर्तिमान

NSE IPO से जुड़े घटनाक्रमों के अलावा भारतीय स्टेट बैंक ने अपने रिटेल बैंकिंग परिचालन विशेष रूप से होम लोन सेगमेंट के संबंध में महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए हैं। बैंक का होम लोन पोर्टफोलियो इस वित्तीय वर्ष की वर्तमान तिमाही के भीतर 10 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करने की राह पर है। यह पिछले सफल वित्तीय वर्ष के बाद आया है जहां बैंक ने अपने होम लोन बुक में 9 लाख करोड़ रुपये का मील का पत्थर पार किया था। एसबीआई वर्तमान में लगभग 28 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ भारतीय होम लोन बाजार में एक मजबूत स्थिति बनाए हुए है। इस बड़े परिचालन का समर्थन करने और देश भर के ग्राहकों के लिए पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बैंक ने 460 से अधिक समर्पित होम लोन प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए हैं। बैंक अपनी सफलता और ग्राहकों के भरोसे का श्रेय पारदर्शी मूल्य निर्धारण तंत्र सटीक दस्तावेजीकरण प्रक्रियाओं और बिल्डरों के लिए गहन जांच प्रणाली जैसे प्रमुख कारकों को देता है।

होम लोन क्षेत्र का आर्थिक प्रभाव

चेयरमैन सीएस सेट्टी ने इस बात पर जोर दिया कि होम लोन व्यवसाय को केवल एक सामान्य बैंकिंग उत्पाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने आवास वित्त क्षेत्र के व्यापक आर्थिक निहितार्थों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विभिन्न अन्य उद्योगों के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है। बैंक के विश्लेषण के अनुसार होम लोन सेगमेंट में वृद्धि का वाणिज्यिक और आवासीय रियल एस्टेट से संबंधित 200 से अधिक विभिन्न उद्योगों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। परिणामस्वरूप होम लोन क्षेत्र को भारत की समग्र आर्थिक वृद्धि और विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। बैंक देश भर में होम लोन तक आसान पहुंच प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि इस विकास का लाभ उधारकर्ताओं के एक बड़े वर्ग तक पहुंचे और साथ ही रियल एस्टेट बाजार से जुड़े औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी समर्थन मिले।