एसबीआई के नतीजे: मुनाफा 21121 करोड़ रुपये के पार, कुल बिजनेस 110 ट्रिलियन पहुंचा

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने पहली तिमाही में अपने स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में 10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है, जो 21,121 करोड़ रुपये रहा। बैंक का कुल कारोबार 110 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है, जबकि शुद्ध ब्याज आय में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। बैंक ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में 10 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की है। बैंक का शुद्ध लाभ 21,121 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 19,160 करोड़ रुपये था। यह मुनाफा बाजार के 19,052 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी अधिक है, जो बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

शुद्ध ब्याज आय में जबरदस्त उछाल

बैंक के तिमाही नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) में हुई वृद्धि है। इस तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये हो गई है। यह आंकड़ा भी विश्लेषकों के 46,214 करोड़ रुपये के अनुमान से बेहतर रहा। इसके अलावा, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 33,529 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। बैंक के इन आंकड़ों ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन में सुधार

घरेलू स्तर पर बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 7 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखने को मिला है। अगर पूरे बैंक के स्तर पर बात करें, तो NIM क्रमिक रूप से 5 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 2 दशमलव 86 प्रतिशत हो गया है। मार्जिन में यह सुधार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विशेषज्ञों को आशंका थी कि फंडिंग की बढ़ती लागत और टर्म डिपॉजिट की रीप्राइसिंग के कारण बैंक की लाभप्रदता पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, एसबीआई ने इन चुनौतियों के बावजूद अपने मार्जिन में सुधार करने में सफलता हासिल की है।

110 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा कुल कारोबार

एसबीआई ने इस तिमाही में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बैंक का कुल कारोबार अब 110 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। बैंक के पास जमा राशि (डिपॉजिट) 60 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, जबकि बैंक द्वारा दिए गए कुल ऋण (एडवांसेज) 50 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गए हैं। बैंक के कुल एडवांसेज में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरेलू एडवांसेज में 18 दशमलव 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विदेशी कार्यालयों के एडवांसेज में रुपये के संदर्भ में 21 प्रतिशत और डॉलर के संदर्भ में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण की स्थिति

बैंक के ऋण वितरण में रिटेल, कृषि, एसएमई और कॉर्पोरेट सभी क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि देखी गई है। रैम (RAM) एडवांसेज में सालाना 18 दशमलव 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सभी सेगमेंट में दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि क्षेत्र के एडवांसेज में सबसे अधिक 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके बाद एसएमई एडवांसेज में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। रिटेल पर्सनल एडवांसेज में 15 प्रतिशत और कॉर्पोरेट एडवांसेज में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इन शानदार नतीजों के बाद शेयर बाजार में एसबीआई के शेयरों में 3 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।