आकिब नबी की सरे में एंट्री: इंग्लैंड की टीम में शामिल हुए भारतीय गेंदबाज

भारतीय तेज गेंदबाज आकिब नबी इंग्लैंड के सरे काउंटी क्रिकेट क्लब में शामिल हो गए हैं। श्रीलंका दौरे पर टेस्ट डेब्यू से चूकने के बाद बीसीसीआई ने उनके लिए यह अवसर सुनिश्चित किया। नबी वहां राहुल चाहर और महिपाल लोमरोड़ के साथ खेलेंगे और यॉर्कशर के खिलाफ अपना पहला मैच खेल सकते हैं।

भारतीय तेज गेंदबाज आकिब नबी, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी गेंदों से जबरदस्त प्रभाव छोड़ा है, अब इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाने के लिए तैयार हैं। हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का हिस्सा रहने के बावजूद टेस्ट डेब्यू का मौका न मिल पाने के बाद, नबी को मशहूर सरे काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए खेलने का सुनहरा अवसर मिला है। बीसीसीआई ने नबी के विकास को ध्यान में रखते हुए इस काउंटी सौदे को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ताकि उन्हें विदेशी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिल सके।

बीसीसीआई के प्रयासों से मिली काउंटी डील

श्रीलंका दौरे से बिना कोई मैच खेले लौटने के बाद, बीसीसीआई ने आकिब नबी के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने की व्यवस्था करने में तत्परता दिखाई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड के प्रयासों के चलते नबी को बहुत जल्द यूनाइटेड किंगडम का वीजा मिल गया और वह इंग्लैंड के लिए रवाना भी हो चुके हैं। वह लंदन में सरे क्लब के साथ जुड़ेंगे और उन्हें काउंटी चैंपियनशिप के इस सीजन के आखिरी 3 मुकाबलों के लिए साइन किया गया है। सरे क्लब का मुख्यालय ऐतिहासिक ओवल क्रिकेट मैदान है, जिसे दुनिया के पहले टेस्ट मैच की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त है।

सरे में दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों का साथ

आकिब नबी को सरे में तालमेल बिठाने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी क्योंकि वहां पहले से ही दो भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। लेग स्पिनर राहुल चाहर पहले ही सरे के साथ जुड़ चुके थे, जबकि राजस्थान के ऑलराउंडर महिपाल लोमरोड़ हाल ही में इस क्लब का हिस्सा बने हैं। लोमरोड़ ने क्लब के लिए अब तक 2 मैच खेल लिए हैं। इन दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी नबी के लिए मददगार साबित होगी। जानकारी के मुताबिक, दाएं हाथ के यह तेज गेंदबाज 3 सितंबर को यॉर्कशर के खिलाफ होने वाले मैच से अपना डेब्यू कर सकते हैं।

रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन और टीम इंडिया की राह

आकिब नबी का चयन उनके पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन के शानदार प्रदर्शन का परिणाम है। उन्होंने पिछले 2 सीजन में 100 से ज्यादा विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी चैंपियन बनाने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही थी। उनके इस प्रदर्शन के बाद से ही उन्हें भारतीय टीम में शामिल करने की मांग उठती रही है। हालांकि श्रीलंका में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन बीसीसीआई द्वारा उनके लिए काउंटी डील हासिल करने में दिखाई गई तेजी यह संकेत देती है कि वह भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नवंबर और दिसंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम में जगह मिल सकती है।