शेयर बाजार में निवेश के लिए सही अवसर की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एक शानदार विकल्प के रूप में उभर रहा है। दिग्गज ब्रोकरेज हाउस इस कंपनी के मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और विकास की संभावनाओं से काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं। आईपीओ के बाद शेयर की कीमतों में जो गिरावट देखी गई थी, अब वहां से रिकवरी के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के एयूएम में सालाना 13 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखने को मिल सकती है, जिससे निवेशकों को आने वाले समय में 51 प्रतिशत तक का बंपर रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज फर्मों का सकारात्मक दृष्टिकोण और बड़े लक्ष्य
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में 31 अगस्त को अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। दोपहर के कारोबार के दौरान यह शेयर 1 दशमलव 89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 574 रुपये 45 पैसे के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बीओएफए सिक्योरिटीज ने इस शेयर के लिए 685 रुपये का एक बड़ा टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। इसका अर्थ यह है कि 28 अगस्त को 563 रुपये 80 पैसे के बंद भाव के मुकाबले इसमें करीब 21 दशमलव 5 प्रतिशत का तगड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की मुनाफा कमाने की क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है, जिसके पीछे इसके व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की अहम भूमिका है।
एचएसबीसी का सकारात्मक नजरिया
केवल बीओएफए ही नहीं, बल्कि विदेशी फर्म एचएसबीसी ने भी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को अपनी रडार पर लिया है और फर्म ने 660 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इसे खरीदने की स्पष्ट सलाह दी है। मौजूदा भाव से देखा जाए तो यह करीब 17 प्रतिशत की भारी तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कंपनी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बेहद शानदार काम कर रहा है। इसी नेटवर्क की बदौलत कंपनी को एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में अपनी बाजार हिस्सेदारी में आई कमी को तेजी से पाटने में मदद मिलने वाली है। यह नेटवर्क कंपनी को बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त प्रदान करता है।
मोतीलाल ओसवाल का बड़ा दांव
इन सभी ब्रोकरेज में सबसे बड़ा टारगेट घरेलू फर्म मोतीलाल ओसवाल ने दिया है। फर्म ने इस शेयर के लिए सीधे 720 रुपये का लक्ष्य रखा है। यह टारगेट 28 अगस्त को शेयर के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 28 प्रतिशत अधिक है। मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का AUM 13 प्रतिशत सीएजीआर की तेज रफ्तार से बढ़ेगा। इसके अलावा टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) में भी 16 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। रिटर्न ऑन इक्विटी के भी 51 से 52 प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान जताया गया है। फर्म ने अपनी रिपोर्ट में यहां तक कहा है कि अगर बाजार की स्थितियां पूरी तरह अनुकूल रहीं, तो यह शेयर 51 प्रतिशत तक की बड़ी छलांग लगा सकता है।
आईपीओ लिस्टिंग के बाद का सफर
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने इसी साल जुलाई के महीने में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ बाजार में उतारा था। उस समय शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपये से 574 रुपये के बीच रखा गया था। शेयर बाजार में इसकी एंट्री 613 रुपये पर हुई थी, जो 574 रुपये के इश्यू प्राइस से 6 दशमलव 85 प्रतिशत ज्यादा थी। हालांकि लिस्टिंग के बाद बाजार के दबाव के चलते निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे शेयर में लगातार गिरावट दर्ज की गई। 24 अगस्त को गिरते हुए यह शेयर 541 रुपये के निचले स्तर तक आ गया था। लेकिन अब नई ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के आने के बाद इसमें फिर से खरीदारी का दमदार ट्रेंड बनता हुआ दिखाई दे रहा है। निवेशक अब इसे एक लंबी अवधि के मुनाफे वाले सौदे के रूप में देख रहे हैं।
