न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए भारतीय मूल के व्यक्ति गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता (नेचुरलाइजेशन) को रद्द कर दिया है। गुरमीत सिंह को रेप और अपहरण के गंभीर मामलों में दोषी पाया गया था। अदालत ने यह पाया कि गुरमीत ने नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान अपने आपराधिक कृत्यों को जानबूझकर छिपाया था। वर्तमान में गुरमीत सिंह जेल में अपनी सजा काट रहा है और अब उससे अमेरिकी नागरिक होने का सम्मान भी छीन लिया गया है।
इमिग्रेशन का इतिहास और अमेरिका में आगमन
भारत का रहने वाला गुरमीत सिंह सबसे पहले फरवरी 1992 में अमेरिका पहुंचा था। उस समय वह केवल छह महीने से कम समय के लिए एक विजिटर के तौर पर वहां गया था। हालांकि, विजिटर वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह वापस नहीं लौटा और कई सालों तक बिना किसी कानूनी अनुमति के अमेरिका में अवैध रूप से रहा। इसके बाद, जून 2000 में उसे फैमिली-बेस्ड इमिग्रेंट वीजा अर्जी के माध्यम से स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) का दर्जा मिल गया। इसी कानूनी दर्जे के आधार पर उसने बाद में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था।
अपराध की भयावह घटना
गुरमीत सिंह की नागरिकता रद्द होने के पीछे की मुख्य वजह मई 2011 में किया गया एक जघन्य अपराध है। अमेरिकी नागरिक बनने के लिए आवेदन करने से कुछ ही हफ्ते पहले, गुरमीत सिंह एक टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। एक रात वह एक महिला यात्री को उसके घर ले जा रहा था और रास्ते में वह महिला सो गई। जब उस महिला की नींद खुली, तो उसने पाया कि गुरमीत उसके ऊपर था और उसने उसकी गर्दन पर चाकू लगा रखा था। गुरमीत ने उसे जान से मारने की धमकी दी, उसके हाथ-पांव बांध दिए, उसका मुंह बंद कर दिया और उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और इसके बाद उसने महिला के कपड़े उतारे और उसके साथ रेप किया। पीड़िता किसी तरह टैक्सी से भागने में सफल रही और सुबह के समय सड़क पर एक राहगीर से मदद मांगी।
धोखाधड़ी से हासिल की गई नागरिकता
इस भयानक अपराध को अंजाम देने के बावजूद, गुरमीत सिंह ने अपनी नागरिकता की प्रक्रिया को जारी रखा। अक्टूबर 2011 में उसे अमेरिकी नागरिकता प्रदान कर दी गई क्योंकि उसने आवेदन के दौरान अपने इस अपराध की जानकारी अधिकारियों से छिपाई थी। अमेरिकी कानून के अनुसार, नागरिकता पाने के लिए व्यक्ति का नैतिक चरित्र अच्छा होना अनिवार्य है और किसी भी आपराधिक रिकॉर्ड को छिपाना धोखाधड़ी माना जाता है और जब गुरमीत के अपराधों का खुलासा हुआ, तो न्याय विभाग ने उसकी नागरिकता रद्द करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की।
अदालत का फैसला और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
नागरिकता मिलने के बाद, न्यूयॉर्क की अदालत ने गुरमीत सिंह को फर्स्ट डिग्री रेप और सेकंड डिग्री किडनैपिंग (यौन मंशा से किया गया गंभीर अपराध) का दोषी ठहराया। उसे इन अपराधों के लिए 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई। 26 अगस्त को जारी किए गए नागरिकता रद्दीकरण के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि भारत का रहने वाला और रेप का दोषी गुरमीत सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकता अपराधियों के लिए कोई ढाल नहीं है और धोखाधड़ी से हासिल की गई नागरिकता किसी को सजा से नहीं बचा सकती।
प्रशासन का कड़ा संदेश
जस्टिस डिपार्टमेंट के सिविल डिवीजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमेट ने कहा कि गुरमीत सिंह ने अपने भयानक आपराधिक कामों को छिपाकर गैर-कानूनी तरीके से अमेरिकी नागरिकता के फायदे हासिल किए थे। वहीं, न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी जोसेफ नोसेला जूनियर ने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो धोखे से नागरिकता हासिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई प्रशासन के उस संकल्प को दिखाती है जिसके तहत कानून का उल्लंघन करने वालों और सबूतों के आधार पर धोखाधड़ी करने वालों की नागरिकता रद्द की जाएगी। गुरमीत सिंह को अब अपनी गलत तरीके से हासिल की गई नागरिकता छोड़नी होगी।
