अजीत अगरकर की बीसीसीआई बैठक से दूरी ने बढ़ाई हलचल, रोहित शर्मा के भविष्य पर बड़ा अपडेट

बीसीसीआई की अहम बैठक में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि रोहित शर्मा के वनडे करियर और चयनकर्ता के साथ उनके रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है। गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में उन सभी प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति देखी गई जिनका वहां होना अनिवार्य था, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी ने एक बार फिर से सुर्खियों को हवा दे दी है और हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह शहर से बाहर हैं और इसी कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की बातें और कयास लगाए जा रहे हैं।

मुंबई में बैठक और अगरकर की अनुपस्थिति का रहस्य

बीसीसीआई की यह महत्वपूर्ण बैठक मुंबई स्थित मुख्यालय में आयोजित की गई थी। विशेष बात यह है कि अजीत अगरकर स्वयं मुंबई में ही रहते हैं, ऐसे में उनके इस बैठक में नजर न आने पर सभी का ध्यान उनकी ओर गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के अलावा टीम इंडिया के मुख्य कोच, सीओई के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण, टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर और टेस्ट तथा वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल भी मौजूद रहे। इतने बड़े नामों की मौजूदगी के बीच अजीत अगरकर का न होना चर्चा का विषय बन गया। इस दौरान बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि अगरकर के न आने का कोई गलत अर्थ न निकाला जाए। बोर्ड के अनुसार, वे शहर से बाहर किसी ऐसी जगह पर हैं जहां इंटरनेट या ऑनलाइन माध्यम से जुड़ना भी संभव नहीं है।

कनेक्टिविटी और हालिया चयन पर उठे सवाल

बोर्ड द्वारा दिए गए इस तर्क ने क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी कुछ ही दिन पहले बीसीसीआई की ओर से अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन टी20 मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया गया था। उस समय सभी चयनकर्ताओं ने आपस में ऑनलाइन माध्यम से ही बातचीत की थी और टीम का चयन किया था। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि अचानक से अजीत अगरकर भारत में ऐसी कौन सी जगह पहुंच गए, जहां इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, वह भी तब जब मुंबई हेड ऑफिस में इतनी बड़ी बैठक होनी थी। इस विरोधाभास ने उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को और बल दिया है।

इंग्लैंड सीरीज और रिटायरमेंट की चर्चा

अजीत अगरकर पहली बार इंग्लैंड सीरीज के दौरान बड़े स्तर पर चर्चा में आए थे। उस समय ऐसी खबरें सामने आई थीं कि अजीत अगरकर ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा से मुलाकात की थी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए कहा था। चर्चा यह भी थी कि रोहित शर्मा इस प्रस्ताव के लिए मान भी गए थे। हालांकि, कहानी में मोड़ तब आया जब सीरीज के आखिरी मैच में रोहित शर्मा ने एक धमाकेदार शतक जड़ दिया। इस शतक के बाद पूरी तस्वीर बदल गई और उनके भविष्य को लेकर चल रही बातों पर विराम लग गया।

क्या अगरकर और रोहित के बीच सब कुछ ठीक है?

बैठक के समापन के बाद जब देवजीत सैकिया से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि रोहित हर मैच में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आखिरी मैच में ही रोहित ने शतक लगाया है, इसलिए उनके संन्यास की बातें बेबुनियाद हैं। इससे पहले भी जब रोहित के रिटायरमेंट को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, तब बीसीसीआई ने साफ किया था कि उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है और हालांकि, अब ऐसी सुर्खियां बन रही हैं कि शायद अजीत अगरकर और रोहित शर्मा के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं। यह भी गौर करने वाली बात है कि अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता बनने के बाद और चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतने के बाद, रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अगले साल तक का कार्यकाल और भविष्य की योजना

अजीत अगरकर के कार्यकाल की बात करें तो मुख्य चयनकर्ता के रूप में उनका कार्यकाल अगले साल जुलाई तक निर्धारित है और इसके ठीक बाद, अगले साल अक्टूबर और नवंबर के महीनों में वनडे विश्व कप का आयोजन होना है। ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि विश्व कप को देखते हुए अजीत अगरकर के कार्यकाल को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, आने वाले समय में क्या बदलाव होंगे, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और अजीत अगरकर को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहने वाला है। क्रिकेट जगत की नजरें अब अगले साल होने वाले बड़े टूर्नामेंटों और चयन समिति के फैसलों पर टिकी रहेंगी।