धुरंधर के सेट पर अक्षय खन्ना का व्यवहार: दानिश पंडोर ने किया बड़ा खुलासा

अभिनेता दानिश पंडोर ने फिल्म 'धुरंधर' के सेट पर अक्षय खन्ना के काम करने के तरीके और उनके शांत स्वभाव के बारे में जानकारी साझा की है। दानिश के अनुसार, अक्षय सेट पर मोबाइल का उपयोग नहीं करते और अपने किरदार पर पूरी तरह केंद्रित रहते हैं।

अभिनेता दानिश पंडोर, जिन्होंने फिल्म 'धुरंधर' के दोनों भागों में उजैर बलोच की भूमिका निभाई है, ने हाल ही में एक साक्षात्कार में अक्षय खन्ना के कार्य करने के तरीके पर प्रकाश डाला है। दानिश के अनुसार, अक्षय खन्ना सेट पर अत्यंत केंद्रित रहते हैं और अपने किरदार की गहराई में डूबे रहते हैं और फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' की बॉक्स ऑफिस सफलता के बीच, अक्षय खन्ना के 'रहमान डकैत' वाले किरदार की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। लगभग तीन दशकों के करियर के बाद अक्षय की लोकप्रियता में इस फिल्म के बाद एक नई लहर देखी गई है।

सेट पर अक्षय खन्ना का शांत स्वभाव

दानिश पंडोर ने बताया कि अक्षय खन्ना एक बहुत ही मिलनसार व्यक्ति हैं, लेकिन वह सेट पर अनावश्यक बातचीत से बचते हैं। उनके अनुसार, अक्षय अपनी ही एक दुनिया में खोए रहते हैं और जब तक कैमरा शुरू नहीं होता, वह अपने किरदार के बारे में ही सोचते रहते हैं। दानिश ने स्पष्ट किया कि हालांकि अक्षय ज्यादा बात नहीं करते, लेकिन पूछे जाने पर वह बहुत ही शालीनता से जवाब देते हैं और वह सेट पर किसी भी प्रकार के शोर-शराबे से दूर रहना पसंद करते हैं।

डिजिटल दुनिया से दूरी और एकाग्रता

फिल्म के सेट पर अक्षय खन्ना के अनुशासन के बारे में बात करते हुए दानिश ने एक दिलचस्प तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि अक्षय सेट पर अपने मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते हैं। वह अक्सर एक कोने में चुपचाप बैठकर अपनी परफॉर्मेंस और सीन की बारीकियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। दानिश के अनुसार, जब तक कोई उनसे स्वयं बात करने की पहल न करे, वह अपनी एकाग्रता भंग नहीं होने देते और पूरी तरह से काम में रमे रहते हैं।

सफलता और लाइमलाइट से दूरी

फिल्म 'धुरंधर' की भारी सफलता और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद, अक्षय खन्ना ने खुद को चकाचौंध से दूर रखा है। दानिश ने बताया कि जब फिल्म की चर्चा चरम पर थी, तब अक्षय अलीबाग स्थित अपने बंगले में चले गए थे और दानिश ने अक्षय के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करता है। उनके अनुसार, जब चीजें बहुत अधिक भारी लगने लगें, तो अक्षय की तरह थोड़ा आराम करना और खुद को समय देना एक बेहतर विकल्प है।

कामयाबी और नाकामी के प्रति दृष्टिकोण

दानिश पंडोर ने अक्षय खन्ना के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी उनके धैर्य को बताया। उनके अनुसार, अक्षय एक ऐसे अभिनेता हैं जो सफलता और असफलता दोनों ही स्थितियों में शांत बने रहते हैं। दानिश ने कहा कि अक्षय का यह संतुलित व्यवहार उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाता है और उनके काम के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है। वह न तो बड़ी सफलता से विचलित होते हैं और न ही किसी असफलता से अपना धैर्य खोते हैं।