- भारत,
- 03-Jan-2026 01:21 PM IST
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब एक गंभीर सैन्य संघर्ष में बदल गया है। राजधानी काराकास में कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसने शहर को दहला दिया। इन धमाकों के साथ ही, लोगों ने निचले स्तर पर उड़ते हुए विमानों की गड़गड़ाहट भी सुनी, जिससे शहर में दहशत का माहौल बन गया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जो अब हकीकत में बदल गई है।
हमले का विवरण: काराकास और इस्ला मार्गरीटा में धमाके
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुए धमाकों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। रशिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वायु सेना ने वेनेजुएला के इस्ला मार्गरीटा द्वीप पर बमबारी की है, जहां सेना के शीर्ष ठिकाने स्थित हैं और यह द्वीप वेनेजुएला के सैन्य बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इस पर हमला एक बड़े सैन्य अभियान का संकेत देता है। अन्य मीडिया संस्थानों ने भी काराकास में धमाकों की पुष्टि की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक व्यापक और समन्वित हमला था और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी चेतावनियों में यह भी कहा था कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना वेनेजुएला के अंदर जमीनी हमले शुरू कर सकती है, जिससे मौजूदा स्थिति की गंभीरता और बढ़ जाती है।जनता की प्रतिक्रिया और सरकार की चुप्पी
हमले के तुरंत बाद, वेनेजुएला की सरकार ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। राजधानी काराकास में धमाकों की आवाज सुनते ही अलग-अलग इलाकों के लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए। कुछ लोगों को काराकास से बाहर जाते हुए भी देखा गया, जो संभावित रूप से। सुरक्षा की तलाश में थे या स्थिति की अनिश्चितता के कारण पलायन कर रहे थे। शहर के विभिन्न हिस्सों से दूर-दूर तक लोगों की मौजूदगी देखी गई, जो इस बात का प्रमाण है कि यह घटना कितनी व्यापक थी और इसने लोगों में कितना भय पैदा किया। सरकार की चुप्पी ने स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, क्योंकि नागरिक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या हो रहा है और उन्हें क्या करना चाहिए।अंतर्निहित कारण: अमेरिकी आरोप और वेनेजुएला के प्रति-दावे
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव लंबे समय से चल रहा है, जिसकी जड़ें गहरे राजनीतिक और आर्थिक विवादों में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक ड्रग कार्टेल चलाते हैं और नार्को-टेररिज्म में शामिल हैं। अमेरिका ने ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है, और वेनेजुएला को इस अभियान का एक प्रमुख लक्ष्य माना है। हालांकि, मादुरो ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने गुरुवार को प्रसारित एक पहले से रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला में सरकार बदलना चाहता है और उसके विशाल तेल भंडार तक पहुंच हासिल करना चाहता है। मादुरो का दावा है कि अमेरिका उन्हें सत्ता से हटाकर वेनेजुएला के बड़े तेल और खनिज संसाधनों पर नियंत्रण करना चाहता है।हालिया सैन्य अभियान: समुद्र से जमीन तक
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना हाल के दिनों में कैरेबियन। सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी वाली नावों को निशाना बना रही है। अमेरिकी सेना की जानकारी के अनुसार, इस समुद्री अभियान में अब तक कम से कम 30 हमलों में 107 लोग मारे जा चुके हैं। पिछले सप्ताह, एक डॉकिंग एरिया पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके पीछे सीआईए का हाथ माना जाता है। इस जगह का इस्तेमाल वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल करते थे और यह सितंबर में अमेरिका की ओर से नावों पर हमले शुरू करने के बाद वेनेजुएला की जमीन पर पहला ज्ञात सीधा ऑपरेशन था, जो अब एक पूर्ण पैमाने के हमले में बदल गया है। शुक्रवार को वेनेजुएला ने कहा था कि वह ड्रग तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ एक समझौते पर बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन यह प्रस्ताव अब इस हमले के बाद बेमानी लग रहा है।ट्रंप की चेतावनियां और प्रतिबंध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला के खिलाफ जमीनी हमले भी हो सकते हैं, ताकि मादुरो को सत्ता छोड़ने के लिए दबाव डाला जा सके। इसके लिए उन्होंने सख्त प्रतिबंध भी लगाए हैं, जिनका उद्देश्य वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और मादुरो सरकार पर दबाव बढ़ाना है। अक्टूबर में ट्रंप ने यह भी कहा था कि उन्होंने सीआईए को वेनेजुएला के अंदर काम करने की अनुमति दे दी है, ताकि वहां से होने वाली अवैध ड्रग तस्करी और प्रवासियों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके और ये चेतावनियां और प्रतिबंध अब एक बड़े सैन्य हस्तक्षेप का अग्रदूत साबित हुए हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।अनुत्तरित प्रश्न और अंतर्राष्ट्रीय निहितार्थ
वेनेजुएला सरकार की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया न आना स्थिति को और अधिक जटिल बना रहा है। सीएनएन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस हमले के अंतर्राष्ट्रीय निहितार्थ गंभीर हो सकते हैं, क्योंकि यह एक संप्रभु देश पर सीधा सैन्य हमला है। यह घटना अमेरिका और वेनेजुएला के बीच संबंधों को एक नए निचले स्तर पर ले जाती है और लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है। दुनिया भर के देश इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह घटना अंतर्राष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों पर सवाल उठाती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, आने वाले दिनों में और अधिक जानकारी और प्रतिक्रियाओं की उम्मीद है, जो इस संघर्ष के भविष्य की दिशा तय करेंगी।US AIR FORCE BOMBS Venezuela's Isla Margarita island housing top army bases pic.twitter.com/2Hp5LFBA6X
— RT (@RT_com) January 3, 2026
